बागी हुए शरद!

17 अगस्त को दिल्ली में बुलाया ‘सहज विरासत बचाओ सम्मेलन’

बिहार में महागठबंधन की सरकार टूटने के बाद इन दिनों जदयू के वरिष्ठ नेता शरद यादव और सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बीच बढ़ती दूरी साफ दिखाई दे रही है। महागठबंधन टूटने के बाद नीतीश ने भाजपा के साथ मिलकर भले ही सरकार बना ली हो लेकिन शरद यादव ने अब नीतीश को चुनौती देने के लिए कमर कस ली है और बगावत पर उतारू दिख रहे हैं। शरद यादव 10 अगस्त से बिहार की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करने वाले हैं। शरद यादव ने साथ ही बताया कि उन्होंने समान विचारों वाले नेताओं की 17 अगस्त को दिल्ली में बैठक बुलाई है।

अपने इस तीन दिवसीय यात्रा के जरिए शरद यादव शायद नीतीश को बताना चाहते हैं कि जिस पार्टी के साथ मिलकर उन्होंने सरकार बनाने का कदम उठाया है वह बिलकुल गलत है। ऐसा लगता है कि इन कार्यक्रम के तहत शरद यादव नीतीश कुमार से अपनी नाराजगी जाहिर करना चाह रहे हैं। आपको बता दें कि ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि शरद यादव जल्द ही जदयू से अलग हो सकते हैं क्योंकि वे अपने बयान में पहले ही कह चुके हैं कि वे नीतीश कुमार के फैसले से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। इस बयान से शरद यादव की नीतीश के प्रति नाराजगी साफ झलकती है।

ऐसे में वह 10 से 12 अगस्त के बीच बिहार के 7 जिलों में आम लोगों के बीच जाकर संवाद करेंगे। इसके बाद उन्होंने 17 अगस्त को ‘सहज विरासत बचाओ सम्मेलन’ बुलाई है। ऐसा माना जा रहा है कि इस सम्मेलन में विपक्षी नेताओं के अलावा कुछ दलित एवं अल्पसंख्यक नेता भी शामिल होंगे।

शरद यादव के मन में भविष्यए को लेकर क्याी पक रहा है, इसे जाना आसान नहीं है। वैसे आने वाले दिनों में ये देखना ज्या दा दिलचस्पइ होगा कि अलग से सम्मेहलन बुलाने का क्याल मतलब है? क्या 17 अगस्त के इस सम्मेलन में शरद शायद कोई बड़ा ऐलान करने की सोच रहे हैं।

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