कांग्रेस सिर्फ सियासी फायदा उठाना चाहती हैः नितिन पटेल

गुजरात की नवनिर्वाचित सरकार में रूठने-मनाने का खेल अब खत्म हो गया है. विभागीय बंटवारे से नाराज उपमुख्यमंत्री नितिल पटेल ने रविवार को अपना कामकाज संभाल लिया है. नितिन पटेल ने रविवार को अमित शाह के फोन कॉल आने के कुछ समय बाद अपना पदभार संभाल लिया. शपथ ग्रहण समारोह के बाद से नितिन पटेल पार्टी से नाराज चल रहे थे. इस दौरान उन्हें राज्य के पाटीदार नेता और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़े हार्दिक पटेल ने एक प्रस्ताव दिया था.

हार्दिक पटेल ने नितिन पटेल को अपने साथ आने का न्योता दिया था. हार्दिक ने कहा था, अगर बीजेपी में नितिन पटेल का सम्मान नहीं हो रहा है तो वह कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं. हार्दिक ने कहा था कि वह डिप्टी सीएम नितिन पटेल से मिलने भी जाएंगे. हार्दिक ने कहा, 'मैंने नितिन काका को मैसेज किया था. अगर वह कहते हैं कि उन्हें बीजेपी छोड़नी है तो मैं उनके साथ रहूंगा.'

उन्होंने कहा था कि वह नितिन पटेल के लिए कांग्रेस पार्टी से बात करेंगे ताकि उन्हें सही जगह मिले और उनकी साख पर कोई सवाल न उठे. हार्दिक ने कहा है, 'अगर नितिन भाई 10 विधायकों के संग बीजेपी छोड़ने को तैयार हो जाते हैं तो हम कांग्रेस में उन्हें उपयुक्त पद देने की बात करेंगे. हार्दिक ने ये बातें बोटाड में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति की बैठक से पहले कही थीं.

अब नितिन पटेल ने पार्टी से अपनी नाराजगी खत्म होने के बाद कहा है, 'पार्टी अध्यक्ष की ओर से मुझे आश्वासन दिया गया है कि मुझे जो उच्च स्तरीय मंत्रालय चाहिए थे, उनको देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. इसके बाद ही मैंने मंत्रालयों के कामकाज को संभालने का फैसला किया है.' हार्दिक पटेल के प्रस्ताव पर नितिन पटेल ने कहा है, 'कांग्रेस कई मामलों में राजनीतिक फायदा उठाना चाहती है. कांग्रेस की ओर से जो प्रस्ताव दिया गया मैं उस पर कभी विचार भी नहीं कर सकता हूं.' नितिन पटेल ने आगे कहा, 'मेरे लिए पार्टी सबसे बड़ी है. मैं या मेरे समर्थक कभी पार्टी नहीं छोड़ सकते हैं.'

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *