पांकी एमएलए भाजपा में कब जायेंगे

नामधारी ने भी शुरू कर दी सियासी तैयारी

पॉलिटिकली फर्टाइल पलामू में वैसे तो सालों भर सियासी माहौल बना रहता है चाहे चुनाव नजदीक हो या नहीं। यही वजह है कि इस क्षेत्र से कई कद्दावर राजनीतिक हस्तियां रही हैं जिन्होंने देश और राज्य के राजनीतिक पटल पर अहम भूमिका निभायी है।

फिलहाल पलामू के सियासी हलकों में टिकट को लेकर अलग- अलग पार्टियों के कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच नुरा-कुश्ती जारी है। जैसे- जैसे चुनाव की तारीख नजदीक आ रही है। टिकट को लेकर भाग- दौड़ तेज होती जा रही है। जानकारों की मानें तो दो विधान सभा सीटों पांकी और डालटेनगंज से पूरे क्षेत्र की राजनीतिक नब्ज टटोली जा सकती है। पांकी के वर्तमान कांग्रेस विधायक देवेंद्र सिंह भाजपा में जाने का मन बना चुके हैं। वहीं भाजपा के टिकट से  पिछली उपचुनाव में किस्मत आजमाने उतरे लाल सूरज असमंजस में हैं। क्योंकि चुनाव से ठीक पहले झामुमो का दामन छोड़कर वह कमल के हो गये थे। वहीं दूसरे नंबर पर रहे शशि भूषण मेहता फिलहाल तो झामुमो में है। पर बहुत कुछ चुनाव के समय बन रही परिस्थितियों पर निर्भर करता है। वैसे, इस सीट पर सभी दलों से दावेदारों की लंबी फेहरिस्त है जो दिनोंदिन बढ़ती जा रही है।

उधर, डालटेनगंज सीट के बारे में जानकार बताते हैं कि पूर्व सांसद व विधायक इंदर सिंह नामधारी एक बार फिर मैदान में आने की तैयारी कर रहे हैं। पर उनकी शर्त में कुछ पेंच है जिससे उनके राजनीतिक भविष्य संकट में पड़ सकता है। बताया जाता है कि नामधारी स्वयं चतरा से सांसद और अपने बेटे को डालटेनगंज से विधायक का चुनाव लड़ाना चाहते हैं। मुश्किल यह है कि उनकी इस शर्त में दोनों ही राष्ट्रीय पार्टियां फिट नहीं बैठ रही हैं। रहा सवाल झामुमो या झाविमो का तो इन पार्टियों का आधार ऐसा नहीं है कि उन्हें कुछ फायदा मिलेगा। हालांकि उनके सिर्फ मन बनाने से ही अपने राजनीतिक भविष्य तलाशते इलाके के सियासतदानों की नींद उड़ गई है।

बहरहाल, अगर लोकसभा और विधानसभा का चुनाव एक साथ हो जैसा कि माना जा रहा है तो कई ऐसे दावेदारों की परेशानियां बढ़ सकती हैं जो एक साथ कई पार्टियों के साथ अंदर खाने समीकरण बनाने की जुगत लगा रहे हैं।

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