अरुण जेटली की जगह पर होता, तो इस्तीफा दे देताः पी चिदंबरम

देश में मौजूदा आर्थिक हालात के लिए कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने अरूण जेटली को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने ये भी कहा कि वर्तमान समय में भारत जिस प्रकार की चुनौतियों से गुजर रहा है उससे आनेवाले समय में मुश्किलें और बढ़ेंगी। आम लोगों को कई आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। वहीं उन्होंने कहा है कि अगर वह वित्त मंत्री अरुण जेटली की जगह पर होते तो अब तक इस्तीफा दे देते।

भारत चैंबर ऑफ कामर्स की ओर से आयोजित चर्चा के दौरान चिदंबरम ने कहा, 'अगर मैं जेटली की जगह पर होता तो मैं क्या करता? मैं इस्तीफा दे देता।' वह आम बजट 2018-19 में राजकोषीय घाटे को कम करने के उपायों के मुद्दे पर बात कर रहे थे। चिदंबरम ने कहा, 'जेटली ने दूसरों द्वारा लिखे गए बजट भाषण को पढ़ने में निश्चित तौर पर मुश्किल स्थिति का सामना किया होगा।' केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार राजकोषीय घाटे को कम करने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि इस बजट से आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ेगी।

उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार को कच्चे तेल की कीमतों में कमी का फायदा मिल रहा है, लेकिन वह आम लोगों को यह फायदा नहीं दे रही है। चिदंबरम ने कहा कि सरकार ने बजट में अनुमान लगाया है कि 2018-19 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 3.3 फीसदी रहेगा। उन्होंने कहा कि राजस्व और व्यय की स्थिति संदिग्ध होने की वजह से यह लक्ष्य पाना भी मुश्किल होगा। चिदंबरम ने कहा कि यह जीएसटी नहीं है, जीएसटी उनकी सरकार ला रही थी, जिसमें सभी चीजों पर 18 फीसदी टैक्स का प्रावधान था। उन्होंने कहा है कि मौजूदा प्रावधान जीएसटी को बदनाम कर रहे हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *