कर्नाटक में 20 सीटों पर किस्मत आजमाएंगे बसपा कैंडिडेट

बहुजन समाज पार्टी भले ही उत्तर प्रदेश में सिमटी जा रही है उसका जनाधार लगातार देश के इस सबसे बड़े सूबे में कम होता जा रहा है लेकिन पार्टी के इरादे बुलंद हैं। वह उत्तर प्रदेश के बाद दक्षिण के राज्य कर्नाटक में अपना पैर पसारने के लिए पूरा दमखम लगा रही है। बसपा ने कर्नाटक में अप्रैल में होने जा रहे चुनावों के मद्देनजर एचडी कुमारस्‍वामी की पार्टी जनता दल (सेक्‍युलर) यानी जद(एस) के साथ गठबंधन करने का ऐलान किया है। पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा ने जनता दल (सेक्‍युलर) का गठन किया था। इस गठबंधन के तहत राज्‍य की 224 सीटों में से 20 सीटों पर बसपा अपने प्रत्‍याशी उतारेगी।

इस गठबंधन की घोषणा करते हुए बसपा नेता सतीश चंद्र मिश्रा और जद(एस) के दानिश अली ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि यह गठबंधन 2019 के लोकसभा तक जारी रहेगा। इस बीच सत्‍तारूढ़ कांग्रेस की तरफ से कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी 10 फरवरी से तीन दिवसीय दौरे पर कर्नाटक पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले रविवार को रैली के साथ ही कर्नाटक में चुनावी शंखनाद कर दिया है। सिद्धरमैया सरकार पर बड़ा निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार का नया कीर्तिमान रचने का आरोप लगाया और कहा कि इसके सत्ता से बाहर होने की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

मोदी ने एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ''कांग्रेस सरकार ‘एक्जिट गेट' (निकास द्वार) पर खड़ी है।'' मोदी ने सिद्धरमैया सरकार पर कटाक्ष करते हुए इसे 'दस प्रतिशत कमीशन वाली सरकार'' करार दिया। कानून व्यवस्था पर सरकार को घेरते हुए कहा कि कानून के शासन की जगह, अपराधी शासन चला रहे हैं। भाजपा ने राज्य में 150 से अधिक सीटों की लक्ष्य तय किया है। पीएम मोदी ने कहा कि पूरा देश देख रहा है कि कर्नाटक की हवा बदल रही है। कांग्रेस यहां EXIT गेट पर खड़ी है। इस बार हम कांग्रेस को यहां से बाहर करके रहेंगे।

बीजेपी ने 224 सदस्‍यीय विधानसभा के लिए पिछले नवंबर में ही अपने चुनावी अभियान की शुरुआत कर दी थी। इसके तहत चुनावों में पार्टी का चेहरा और पूर्व मुख्‍यमंत्री बीएस येद्दयुरप्‍पा ने परिवर्तन यात्रा के तहत सभी विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया। अमित शाह ने उस यात्रा को हरी झंडी दिखाई थी और पिछले रविवार को पीएम मोदी की रैली के साथ ही इस यात्रा का समापन हुआ। इसके साथ ही पिछले दो महीने से पार्टी बूथ लेवल संगठन को मजबूत करने की कोशिशों में लगी है। अमित शाह 31 दिसंबर और नौ जनवरी को इस संबंध में दो समीक्षा बैठकें कर चुके हैं। इसके साथ ही राज्‍य में सत्‍ताधारी कांग्रेस ने एक फरवरी से जमीनी स्‍तर पर लोगों से जुड़ने के लिए चुनाव पूर्व अभियान की शुरुआत कर दी है। कांग्रेस अध्‍यक्ष 10-12 फरवरी तक खुद कर्नाटक में होंगे। 15 फरवरी से एक मार्च तक सब कमेटियों के माध्‍यम से बूथ लेवल पर मिलने की योजना है। उसके बाद एक मार्च से लेकर 20 मार्च तक राज्‍य के वरिष्‍ठ नेताओं के बस के माध्‍यम से पूरे राज्‍य का दौरा करने की योजना है।

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