अर्जुन की राह पर चले पड़े बीजेपी सांसद!

प्रदेश भाजपा में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है, पहले विधायक और अब सांसद खुलेआम कह रहे हैं कि सरकार उनके साथ संवाद नहीं करती है, उनकी कोई बात नहीं सुनती है। सांसदों ने अपनी गुहार संगठन महामंत्री रामलाल और सह संगठन महामंत्री सौदान सिंह से लगाई है। जानकारी के मुताबिक सांसदों ने कहा है कि सरकार के साथ उनकी कोई बैठक नहीं होती, अपनी ही सरकार उनकी नहीं सुन रही है इसलिए संवादहीनता की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

सियासी जानकारों की मानें तो ये कोई नई बात नहीं है, सूबे में जब से बीजेपी की सरकार आयी है ये चंद लोगों तक सिमट कर रह गई है। सारे फैसले सांसदों और विधायकों के विमर्श किए बगैर ही लिए जाते हैं। इसीलिए सरकार के फैसलों पर पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा ने कहा था कि सरकार की नीतियों की वजह से जनता में भ्रम की स्थिति बनी है, जनता, सरकार और पार्टी के बीच संवादहीनता की स्थिति दिख रही है। इस पर ठोस पहल होनी चाहिए।

अर्जुन मुंडा ने कई मौकों पर सरकार और संगठन के बीच दूरी का जिक्र किया और इस जल्द सुलझाने की बात कही थी।
जानकार कहते हैं कि देर से ही सही पर ये बात अब सांसदों को भी समझ आने लगी है, इसका मुख्य वजह आगामी लोकसभा चुनाव में हारने का डर है। बताया जा रहा है कि बीजेपी के सभी 12 सांसदों ने कहा भी है कि सीएनटी, एसपीटी, भूमि अधिग्रहण, स्थानीय नीति जैसे मुद्दों पर राज्य में भ्रम की स्थिति है। वहीं उन्होंने स्कूलों के मर्जर के फैसले को भी जन विरोधी बताया है।

सियासी जानकार कहते हैं कि अर्जुन मुंडा इस बात की लगातार वकालत करते रहे हैं कि कोई भी फैसला लेने से पहले सरकार को होम वर्क करना चाहिए अपने विधायकों और सांसदों से संवाद करना चाहिए जिससे नफा- नुकसान का उचित मूल्यांकन हो सके। अर्जुन मुंडा ने हमेशा इस बात पर फोकस किया है कि ऐसी नीति बननी चाहिए, जिसमें लोगों का विश्वास हो। वे अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें।

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