बिहार में सियासी उथल-पुथल के बीच गुजरा 2017

साल 2017 बिहार में कभी घोटालों का दौर रहा तो कभी राजनीतिक उथल-पुथल ने अपना रंग दिखाया। कभी लोगों के लिए बाढ़ मुसीबत बनी तो कभी शराबबंदी से बिहार का चेहरा दूसरे राज्यों में चमका। साल के अंतिम महीने में बिहार को बड़ा झटका मिला, लालू यादव को चारा घोटाले में जेल जाना पड़ा। बड़ी बात ये है कि साल की शुरुआत में लालू को सजा होगी। इस साल महागठबंधन टूट गया और राजद को बड़ा झटका मिला। बिहार में कई बड़े घोटालों का खुलासा हुआ, सृजन घोटाला, तटबंध घोटाला, टॉयलेट और डस्टबिन घोटाला, चारा घोटाला। बिहार में पेपर लीक की घटना ने पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी थी।

लालू परिवार की संपत्ति कुर्क-

इसी साल ईडी ने राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव परिवार की करीब 45 करोड़ की सपंत्तियों को जब्त कर लिया था। ईडी ने लालू यादव की पत्नी और बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी, लालू यादव के बेटे तेजप्रताप और तेजस्वी यादव की तीन एकड़ की संपत्ति को कुर्क करने का आदेश दिया था। लालू परिवार की इस संपत्ति की कीमत 44.7 करोड़ आंकी गई थी।

बिहार की बाढ़

इस साल बिहार में बाढ़ ने लगभग 19 जिलों को प्रभावित किया। जिससे 600 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। आंकड़ों की मानें तो से इस बाढ़ में 1 करोड़ 71 लाख लोग प्रभावित हुए थे। इस साल आए बाढ़ में मरने वालों की संख्या में पिछले 9 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। ये भारत का सबसे ज्यादा बाढ़ प्रभावित राज्य रहा, जिसमें 76% आबादी ऐसी जगह पर रही जहां बाढ़ ने तबाही मचाई।

तेजस्वी से सीबीआई ने पूछे कई सवाल

इसी साल ही तेजस्वी से सीबीआई ने कई सवाल पूछे वहीं आईआरसीटीसी स्कैम में घिरे बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने सीबीआई को चुनौती दी थी कि उनके खिलाफ सीबीआई जल्द चार्जशीट दायर करके दिखाए।

महागठबंधन में टूट

सीएम नीतीश कुमार ने महागठबंधन छोड़ने को लेकर जब बड़ा बयान दिया तो राज्य के सियासी भूचाल आ गया था। नीतीश ने कहा था कि लालू यादव के साथ से मुक्ति पाकर वो बहुत खुश हैं। उन्होंने आगे कहा कि हर रोज लगता है कि महागठबंधन छोड़कर बहुत अच्छा काम किया। नीतीश कुमार ने ये भी माना कि जब लालू यादव के साथ थे तब उन्हें इस बात की फीडबैक रहती थी कि बालू माफिया और शराब माफिया उभर रहे थे। पुलिस के ऊपर दबाव डाला जा रहा था।

21साल से उठ रहे आरोप में आया फैसला

बिहार में पिछले 21 सालों से चल रहे दो चर्चित नेताओं पर चारा घोटाले पर भी फैसला भी इसी साल आया। इस मामले में बिहार के दो पूर्व मुख्यमंत्री के साथ 31 लोगों पर आरोप लगा था। मामला देवघर कोषागार से 89 लाख रुपए के अवैध निकासी का है, जिसमें बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव, जगन्नाथ मिश्र, ध्रुव भगत, पूर्व सांसद आरके राणा, जगदीश प्रसाद, विद्यासागर निषाद, आईएएस अधिकारी फूलचंद्र सिंह, महेश प्रसाद, बैंक जूलियर, डॉक्टर कृष्ण कुमार, आपूर्तिकर्ता त्रिपुरारी मोहन प्रसाद सुशील कुमार, सरस्वतीचंद्र, ज्योतिष कुमार झा सहित 31 आरोपी हैं। इस मामले में कई चरणों में लालू प्रसाद यादव के द्वारा गवाही हुई थी जिसमें वो हाजिर हुए थे।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *