महागठबंधन में दुल्हे का नहीं है पता,ठगों को लेकर बारात में निकली है कांग्रेस : भाजपा

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने महागठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा है कि कांग्रेस ठगों की बारात लेकर निकली है, जिसमें दूल्हे का पता ही नहीं। हर दल का नेता दूल्हा बनने को बेताब है। भाजपा के भय और सत्ता के लालच में ये दल एक जगह जुट तो गए हैं, लेकिन इन्हें एक दूसरे पर ही भरोसा नहीं। आखिर जनता कैसे इनपर भरोसा करे?

श्री प्रभाकर ने कहा कि जिस कांग्रेस ने झारखंड आंदोलन की सौदेबाजी की और गुरुजी शिबू सोरेन को जेल भेजा, हेमंत सोरेन उसी की गोद में जाकर बैठ गए हैं। जनता जानती है कि झामुमो-कांग्रेस अलग राज्य नहीं चाहते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड दिया है और भाजपा ही इसका विकास करेगी।

श्री प्रभाकर ने कहा कि झामुमो, कांग्रेस और राजद ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए झारखंड की जनता को छलने और लूटने का काम किया है, इसलिए गत चुनाव में ही जनता ने भाजपा पर भरोसा किया। श्री प्रभाकर ने कहा कि हेमंत सोरेन की ‘संघर्ष यात्रा’ और राहुल गांधी की झारखंड यात्रा ‘फ्लॉप’ रही। जनता इससे दूर रही। हेमंत सोरेन जनता के लिए नहीं, बल्कि सत्ता के लिए संघर्ष यात्रा कर रहे थे। जिस कांग्रेस ने झारखंड आंदोलन की सौदेबाजी की और गुरुजी शिबू सोरेन को जेल भेजा, हेमंत सोरेन उसी की गोद में जाकर बैठ गए हैं। जनता जानती है कि झामुमो-कांग्रेस अलग राज्य नहीं चाहते थे। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड दिया है और भाजपा ही इसका विकास करेगी।

श्री प्रभाकर ने कहा कि कांग्रेस अवसर के हिसाब से कभी बाबूलाल तो कभी झामुमो के साथ खेल खेलती है। जनता समझ गई है कि इन्हें सत्ता मिली तो फिर एक नया मधु कोड़ा पैदा करेंगे और झारखंड का खजाना लूटेंगे।

श्री प्रभाकर ने कहा कि इस बार झारखंड में झामुमो-कांग्रेस का खाता नहीं खुलने वाला। जनता ने विपक्षी दलों के लिए लोकसभा में ‘नो इंट्री’ का बोर्ड लगा दिया है। सभी 14 लोकसभा सीटों पर भाजपा का फूल खिलेगा। अमित शाह के दौरे से कार्यकर्ताओं को नई उर्जा मिली है और राजनीतिक फिजां बदली है।

श्री प्रभाकर ने कहा कि आज जब श्री रघुवर दास के नेतृत्व में सरकार झारखंड के विकास पर फोकस कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विशेष सम्मान दे रहे हैं, ऐसे वक्त में झामुमो-कांग्रेस की जमीन लगातार खिसक रही है। झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आदिवासियों को छलने का काम किया है और कांग्रेस-राजद जैसे झारखंड विरोधी ताकतों की गोद में बैठ कर अपने राजनीतिक स्वार्थ की रोटी सेंकी है। लेकिन एक दूसरे पर उन्हें कभी भरोसा नहीं दिखता।

श्री प्रभाकर ने कहा कि हेमंत सोरेन यह नहीं भूलें कि अलग झारखंड राज्य भाजपा ने दिया, संथाली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया और आदिवासी कल्याण मंत्रालय का गठन किया। रघुवर दास के प्रयास से आज झारखण्ड की तसवीर बदल गई है और जनता विकास का स्वाद महसूस करने लगी है। झारखंड में एम्स, बंदरगाह, पर्यटन सर्किट, सड़क, रेल और अन्य आधारभूत संरचना तथा सुविधाओं पर पहल हुई है। संथाली भाषा मे रेलवे स्टेशन पर उद्घोषणा का निर्णय सरकार ने लिया है।

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