नीतीश ने बचाव कम, सियासी होशियारी ज्यादा की

-पहली बार चुप्पी तोड़ी नीतीश ने

बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने लालू यादव और उनके परिवार पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं. पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पहली बार कल इस मामले में खुलकर बयान दिया था. सुशील मोदी के आरोपों के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने लालू का बचाव तो किया लेकिन साथ ही बीजेपी को जांच कराने की सलाह भी दे डाली. इस ‘सलाह’ के एक दिन बाद ही आयकर विभाग ने इस मामले में छापेमारी शुरू कर दी है.

राजनीतिज्ञयों की मानें तो नीतीश कुमार की असली बात बचाव नहीं बल्कि लालू यादव को दिया गया एक संदेश है. नीतीश ने निगाहें कहीं और रखीं और निशाना कहीं और लगा दिया.कहने के लिए सत्ता में भागीदार लालू की पार्टी के साथ भी हो लिए और जांच की बात कहकर आंख भी दिखा दी. 2015 में एक-दूसरे के धुर विरोधी दोस्त बन गए, इसी दोस्ती की बदौलत नीतीश कुमार तीसरी बार बिहार के मुख्यमंत्री बने हैं.
अब शायद राजनीतिक दोस्ती का ही तकाज़ा है कि लालू यादव पर लग रहे बड़े-बड़े घोटालों पर नीतीश उनका बचाव करते दिखे. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि ‘जो आरोप सुशील जी के द्वारा या बीजेपी के द्वारा लगाया जा रहा है उसका उत्तर लालू जी के द्वारा और आरजेडी के द्वारा दिया गया है.’

साथ ही नीतीश कुमार ने यह भी कह दिया कि ‘लोगों के दिमाग को डायवर्ट करने की कोशिश हो रही है. अगर सच है तो आप जांच करिए और जांच करके जो तथ्य है वो लोगों के सामने आएगा.’ इसके जवाब में डिप्टी सीएम तेजस्वी यावद ने कहा कि ‘जिसके ऊपर पहले ही इतनी जांच हो चुकी है, हम लोग सुप्रीम कोर्ट से जीत चुके हैं, बार-बार एक ही परिवार का जांच होगा, और क्या मोदी परिवार की जांच नहीं हो, क्यों नहीं कराते हैं, क्यों नहीं उनका स्टिंग ऑपरेशन करते हैं.’

दरअसल बिहार की राजनीति में इस वक्त शह और मात का खेल चल रहा है. पूरा खेल यही है कि घोटालों के आरोपों के बोझ से लालू और उनका परिवार दबा रहे ताकि दूर-दूर तक नीतीश की सत्ता को चुनौती देने वाला कोई नहीं रहे. क्योंकि, बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी, लालू यादव परिवार पर नए-नए आरोप लगाते ही जा रहे हैं.

फिलहाल लालू परिवार पर मिट्टी घोटाला, पेट्रोल पंप घोटाला, काम के बदले जमीन कब्जा करना, अरबों की बेनामी संपत्ति बनाने जैसे घोटाले का आरोप लगा है. जाहिर है लालू बैकफुट पर हैं और नीतीश फ्रंट फुट पर और राजनीति के इस खेल में खेल का काफी हिस्सा अभी बाकी है.

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