गांधी के पोते के नाम पर विपक्ष खेलेगा ट्रम्प कार्ड

पूर्व प्रशासनिक, कूटनैतिक और राज्यपाल गोपालकृष्ण गांधी आगामी  राष्ट्रपति चुनाव में विपक्ष की ओर से उम्मीदवार हो सकते हैं. एनडीए गठबंधन की ओर से जहां झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू की नाम सामने आ रहा है वहीं विपक्ष ने भी साझा उम्मीदवार उतारने की कवायद तेज कर दी है. सूत्रों की मानें तो सरकार ऐसा राष्ट्रपति चाहती है जो आने वाले समय में होने वाले कई अहम फैसलों पर आपत्ती दर्ज न करे. एनडीए सरकार अभी से ही मिशन 2019 मोड में है और किसी भी कीमत पर ऐसा राष्ट्रपति नहीं चाहती जो उसके निर्णयों में रूकावट पैदा करे.

उधर, विपक्ष का भी पूरा फोकस है कि किसी भी तरह साझा उम्मीदवार उतारा जाय जिससे जीत की संभावना प्रबल हो. इसी क्रम में गोपालकृष्ण गांधी ने विपक्ष के फैसले पर अपनी सहमति दी है और उनका उम्मीदवार बनने की पेशकश की है. महात्मा गांधी के पोते गोपालकृष्ण गाधी ने कहा, "हां, मुझसे बात की गई है. मगर यह शुरुआती दौर की बातचीत है. इसके आगे कुछ ही कहना ठीक नहीं होगा."

विपक्ष के सूत्रों के अुनसार गोपालकृष्ण गांधी के अलावा पूर्व लोक सभा स्पीकर मीरा कुमार के नाम पर भी सहमति बनती नजर आ रही है. हालांकि, ज्यादातर दल किसी गैर कांग्रेसी को ही उम्मीदवार बनाने के मूड में हैं. जहां एक तरफ गांधी ने इस बारे में ज्यादा बताने को मना किया है, वहीं कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी और सीपीएम महासचिव सीताराम येचुरी ने उनसे बात ही. साथ ही, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने गांधी के नाम पर राजी है.

खबर थी कि सोनिया गांधी ने ममता से फोन पर बात की थी. ममता बैनर्जी ने 2012 में गोपालकृष्ण गांधी के नाम का सुझाव उपराष्ट्रपति के पद के लिए दिया था,  जिसके लिए उन्होंने इंकार कर दिया था. खबर है कि गांधी और मीरा कुमार के अलावा एनसीपी प्रमुख शारद पवार और जेडीयू के शरद यादव के नाम पर भी चर्चा की जा रही है.

बताया जा रहा है कि गांधी शरद पवार,  नीतिश कुमार,  शरद यादव,  एस सुधाकर रेड्डी और डी राजा से मिल चुके हैं. इसके अलावा सीताराम येचुरी नवीन पटनायक,  जगन मोहन रेड्डी से मुलाकात कर चुके हैं. हालांकि, रेड्डी ने कहा था कि उनकी पार्टी भाजपा के प्रत्याशी की समर्थन करेंगे.

विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं ने कहा वो पहले सरकार के प्रत्याशी की घोषणा की प्रतीक्षा करेंगे और फिर ही इस ओर कोई ऐलान किया जाएगा. कांग्रेस ने स्पष्ट किया था कि वो अपनी ओर से किसी नाम को आगे नहीं करेगी. राष्ट्रपति चुनाव विपक्ष की एकजुटता की पहली परीक्षा होंगे.

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