एमजीएम अस्पताल ने नहीं दिया स्ट्रेचर,चादर में लपेटकर ले जाना पड़ा शव

भाजपा नेता विश्वजीत के बेटे आशीष के आत्महत्या के बाद शव को पोस्टमार्टम तक ले जाने के लिए एमजीएम अस्पताल ने स्ट्रेचर तक नहीं दिया। हालत यह हुई कि गम में डूबे पिता ने बेटे का शव चादर में लपेटकर टांगकर ले जाना पड़ा।

आशीष के परिजन शव ले जाने के लिए अस्पताल में एम्बुलेंस तक खोजते रहे लेकिन सरकारी एम्बुलेंस अस्पताल में नहीं था जो शव को पोस्टमार्टम तक पहुंचाता। स्ट्रेचर और एम्बुलेंस को लेकर परिजन लगभग 40 मिनट तक अस्पताल परिसर में भटकते रहे। उसके बाद शव को पिकअप वैन में पोस्टमार्टम हाउस तक लेकर गए।

हेमंत सोरेन किया ट्वीट

इस बात की जानकारी जब मीडिया के माध्यम से पूर्व मुख्यमंत्री व झामुमो नेता हेमंत सोरेन को मिली तो उन्होंने ट्वीट किया कि आज फिर एक युवा अपना जीवन समाप्त करने को विवश हो गया। उनके लिए यह सदमा कम था कि उपर से मृत्त शरीर को अस्पताल में एम्बुलेंस तक ना मिल सका। शनिवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद आशीष के शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। मुखाग्नि उसके दादा रामजस पांडेय ने दी। उन्होंने कहा कि उनका पोता आशीष उनका सहारा था। उनके बुढ़ापे की लाठी छिन गई है।

नौकरी जाने के डर से सहमा था

दूसरी ओर बारीडीह बस्ती प्रगति पथ निवासी आशीष कुमार पांडेय की आत्महत्या पर पिता विश्वजीत कुमार का कहना है कि आशीष इस बात से सहमा हुआ था कि उसके साथियों की तरह कहीं उसे भी कंपनी से न हटा दिया जाये। पिता ने बताया कि वे भी ठेकेदारी में काम करते हैं। दो महीने बाद उनका भी कांट्रैक्ट खत्म हो रहा है। इसका जिक्र उन्होंने अपने बेटे से किया था तो उसने बताया था कि उसे भी अपनी नौकरी को लेकर चिंता है।

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