अप्रैल 17, 2024

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२०२२ में भारत में ४४ मिलियन महिलाएं और २६ मिलियन पुरुष मोटे थे: द लैंसेट – राजनीति गुरु

२०२२ में भारत में ४४ मिलियन महिलाएं और २६ मिलियन पुरुष मोटे थे: द लैंसेट – राजनीति गुरु

विशेषज्ञों के अनुसार, देश में महिलाओं और पुरुषों में मोटापा की दर में 2022 में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं में मोटापा दर 1.2% से 9.8% और पुरुषों में 0.5% से 5.4% तक बढ़ गया है। भारत में 2022 में 70 मिलियन वयस्कों में मोटापा था, जिसमें महिलाओं की संख्या पुरुषों से लगभग दोगुनी थी।

इस रिपोर्ट में इंडिया में 2022 में बच्चों में भी मोटापा की संख्या बेहद चिंताजनक बताई गई है। इस साल में 5.2 मिलियन लड़कियाँ और 7.3 मिलियन लड़के मोटे थे। महिलाओं में ज्यादा मोटापा होने की कारणों में मेनोपॉज और गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल और जैविक परिवर्तन शामिल हैं।

आधुनिक युग में ओबिजिटी की समस्या एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है, जिसमें 2022 में दुनिया भर में 159 मिलियन बच्चे और 879 मिलियन वयस्क शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 1990 से 2022 तक दुनिया भर में बच्चों, युवा और वयस्कों में मोटापा चौगुना बढ़ गया है।

भारत में नारियों के लिए 2022 में उचित वजन से 182वे और पुरुषों के लिए 180वे स्थान पर मोटापा की प्रवृत्ति रही। इस समस्या को दूर करने के लिए भूखमरी, उचित खाद्य सुरक्षा और स्वस्थ पोषण को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों की जरूरत है।

आधुनिक जीवनशैली के कारण मोटापे की आरंभिक उम्र कम हो रही है, जिसका समाधान ढूंढने के लिए सरकार को सामुदायिक स्थान प्रदान करना होगा। लेखकों ने ओबिजिटी को उतारने और रोग की जोखिम को कम करने के लिए आवश्यकता को महत्वपूर्ण बताया है। उन्होंने साधारणिक क्लिनिकी दिशा-निर्देशों की अभाव के बारे में भी चिंता जताई है।

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इस रिपोर्ट के जारी होने से सामाजिक और स्वास्थ्य सेवाओं को एक नए दिशा में सोचने की आवश्यकता है जिससे मोटापे जैसी भयानक समस्याओं का सामना किया जा सके। इससे समाज में स्वस्थ जीवनशैली की प्रोत्साहना होगी।

दरअसल, मोटापा न केवल एक व्यक्ति की रूचि को बिगड़ता है बल्कि उसके स्वास्थ्य को भी प्रभावित कर सकता है। इसलिए, समाज को पूरी तरह से संजीवनी इलाज बनाने के लिए इस समस्या पर गंभीरता से विचार करना चाहिए।

आपके स्वास्थ्य का ध्यान रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है।

– रजनीति गुरु टीम