योगी राज में इंदिरा भी हुईं भगवा

देश के नामचीन हस्तियों, स्वतंत्रता सेनानियों को लेकर बीजेपी की सरकारें अक्सर राजनीतिक तौर पर घिर जा रही हैं. ख़ासकर उनके जन्म जयंती और पुण्य तिथि के अवसर पर होने वाले कार्यक्रमों को लेकर. दरअसल बीजेपी पर महापुरुषों को अपने रंग में रंगने का आरोप लगाता रहा है.ताज़ा मामला उत्तर प्रदेश का है. मुख्यमंत्री आदित्यनाथ के राज में पूर्व प्रधानमंत्री से जुड़े कार्यक्रम को पूरी तरह से भगवा रंग में रंग दिया है. इसके बाद विवाद गहरा गया.

दरअसल पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के जन्मदिन पर हर साल उनकी जन्मस्थली इलाहाबाद के आनंद भवन से शुरू होने वाली मैराथन दौड़ इस बार भी पहले से तय जगह व तारीख पर ही होगी, लेकिन योगीराज में पहली बार हो रही यह मैराथन आयोजन से पहले ही विवादों में घिर गई है। पहले से ही योगी सरकार सरकारी आयोजनों के भगवाकरण के आरोप में घिरी हुई है और अब ये नया विवाद सामने आया है।

इस विवाद का सबब बना है आयोजन का भगवाकरण किया जाना। इससे पहले जो भी प्रचार सामग्रियां होती थीं, वह या तो तिरंगे बैकग्राउंड में होती थीं या फिर सफ़ेद में। प्रचार सामाग्रियों के भगवाकरण के साथ ही यह पहली बार होगा कि केंद्र या प्रदेश सरकार का कोई मंत्री अथवा बड़ा अधिकारी इसके उद्घाटन व पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल नहीं होगा।

उन्नीस नवम्बर को इलाहाबाद में होने वाली मैराथन दौड़ के जितने भी बैनर पोस्टर व आमंत्रण कार्ड तैयार किये गए हैं, वह सभी या तो भगवा रंग में है या फिर बीजेपी के झंडे वाले लाल व हरे रंग में। इतना ही नहीं मैराथन के इंडिकेशन बोर्डों को भी केसरिया रंग में ही तैयार किया गया है। कांग्रेस पार्टी ने इस पर कड़ा एतराज जताते हुए योगी सरकार पर बड़ा निशाना साधा है तो आयोजन से जुड़े अफसरान इसे महज इत्तफाक करार दे रहे हैं।

कांगेस का एतराज
कांग्रेस की कद्दावर नेता रही पूर्व पीएम भारत रत्न इंदिरा गांधी के नाम पर होने वाली मैराथन के भगवाकरण और केंद्र व यूपी सरकार के किसी मंत्री व बड़े अफसर के शामिल न होने पर कांग्रेस पार्टी ने कडा एतराज जताते हुए यूपी की योगी सरकार पर बड़ा हमला बोला है।

कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह बीजेपी नेताओं और योगी सरकार के ज़िम्मेदार लोगों की छोटी सोच का नतीजा है। कांग्रेस नेताओं का यह भी आरोप है कि बीजेपी के पास इतिहास बयां करने वाला कोई चेहरा नहीं है, इसलिए वह सरदार पटेल और लाल बहादुर शास्त्री के बाद अब इंदिरा की विरासत के बहाने अपना सियासी फायदा उठाने की कवायद कर रही है।

कांग्रेस ने इसे घटिया राजनीति का नमूना भी करार दिया है और कहा है कि योगी सरकार के इस भगवाकरण से इंदिरा की शख्सियत का महत्व कतई कम नहीं होगा। कांग्रेसियों को इस बात का मलाल ज़्यादा है कि योगी सरकार का यह भगवाकरण इंदिरा के जन्म शताब्दी वर्ष पर किया गया है। इसका आयोजन इंदिरा गांधी की शहादत के अगले साल 1985 से शुरू हुआ था। इंदिरा मैराथन का यह तैंतीसवां आयोजन है।

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