क्या रंजीता रंजन होंगी बिहार कांग्रेस की नयी अध्यक्ष!

बिहार प्रदेश कांग्रेस को नया अध्यक्ष आखिर कब मिलेगा! क्या सांसद रंजीता रंजन नयी प्रदेश अध्यक्ष होंगी। हालाँकि पप्पू यादव की वज़ह से कांग्रेस का एक वर्ग रंजीता का विरोध कर सकता है। सभी कांग्रेसियों की जुबान पर अभी यही सवाल है, क्योंकि प्रदेश कांग्रेस में संगठन चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। सोमवार को प्रत्येक ब्लॉक से चुने गए प्रतिनिधि का सम्मेलन बुलाया गया है। जो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बिहार का अध्यक्ष चुनने के प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगाएंगे। इस सम्मेलन में पूर्व लोकसभा अध्यक्षा मीरा कुमार और सांसद रंजीता रंजन भी शामिल होंगी।

बिहार कांग्रेस में संगठन के चुनाव होने तक कोकब कादरी को प्रदेश का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था। माना जा रहा है कि अब चुनाव की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रतिनिधि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को बिहार का अध्यक्ष चुनने के लिए अधिकृत करेंगे। उसके बाद बिहार कांग्रेस अध्यक्ष के चयन का रास्ता साफ हो जाएगा। सूत्रों की मानें तो पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश प्रसाद सिंह के अलावा रंजीता रंजन को इस पद का प्रबल दावेदार माना जा रहा है।

हांलाकि संगठन चुनाव में कई जगहों से धांधली की खबरें भी आ रही हैं। आरोप यह भी लग रहा है कि बिना डेलीगेट की सूची जारी किए सम्मेलन बुला लिया गया है। प्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष कोकब कादरी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि सब कुछ पार्टी के संविधान के मुताबिक हो रहा है। उन्होंने पूर्व प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा कि आलाकमान से ऊपर कोई नेता नहीं है। कोई भी व्यक्ति आलाकमान पर टिप्पणी करेगा, पार्टी में गतिरोध की स्थिति पैदा करेगा या फिर पार्टी को कमजोर करना चाहेगा तो वो चाहे कितना बड़ा नेता हो मैं उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई करूंगा।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अखिलेश प्रसाद सिंह ने अशोक चौधरी की तुलना गाय बैल से करते हुए कहा कि अशोक चौधरी को सोमवार के सम्मेलन में आने का न्यौता भेजा गया है। उन्होंने कहा कि क्या वो गाय बैल हैं कि उन्हें पकड़ कर लाया जाए। वो पार्टी के सम्मनित नेता हैं। कुल मिलाकर देखा जाए तो बिहार कांग्रेस में सबकुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है।

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