क्या झारखंड में जदयू की सियासी हैसियत सुधार पाएंगे नीतीश!

बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू सुप्रीमो रविवार को झारखंड आएंगे। विधानसभा मैदान में राज्यभर से आए पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। देखा जाय तो नीतीश कुमार जब महागठबंधन की सरकार में थे तो उन्होंने झाविमो प्रमुख बाबूलाल के साथ झारखंड में कुछ रैलियां की थी। जिसमें उन्होंने राज्य की एनडीए सरकार पर भी निशाना साधा था। पर स्थिति ठीक उसके उलट है अब वे स्वयं बिहार में बीजेपी के साथ हैं। ऐसे में सरकार के खिलाफ बोलने की स्थिति में नहीं हैं।

जानकारों की मानें तो बिहार में बाल विवाह, दहेज प्रथा और शराबबंदी को लेकर नीतीश ने जिस प्रकार अभियान चलाया है उनकी कोशिश होगी कि झारखंड में भी इन्ही मुद्दों को लेकर सियासी जमीन मजबूत की जाय। लेकिन इसका बहुत फायदा उन्हें मिलेगा ऐसा फिलहाल तो नहीं दिखाई देता। हां, इतना जरूर है कि इसके सहारे जदयू अपना वजूद ढूंढने की कोशिश कर सकती है।

बहरहाल, प्रदेश अध्यक्ष जलेश्वर महतो का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार जदयू को प्रदेश में मजबूती के लिए दिशा-निर्देश देने के अलावा विधानसभावार उम्मीदवारों के संबंध में भी चर्चा करेंगे। वहीं आगामी नगर निकाय के चुनाव को लेकर भी बातचीत होगी। संगठन को कैसे मजबूत किया जाय इस पर मंथन किया जाएगा, खासकर बिहार से सटे क्षेत्रों में जहां कभी पार्टी जनप्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की है वहां फोकस किया जाएगा।

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