राजीव गौबा के पाप को राजबाला ने आगे क्यों बढ़ाया !

देश की सबसे बड़ी केपीएमजी सेवा सलाह कंपनी है, जो देश के कई अहम प्रोजेक्ट के लिए अपनी सेवाएं दे रही है। स्वच्छ भारत, मेक इन इंडिया, स्मार्ट सिटी, स्टार्ट अप इंडिया जैसे 5000 करोड़ से ज्यादा की योजनाओं पर काम कर रही है। लेकिन अब यह कंपनी विवादों में फंसती नजर आ रही है।

सोशल मीडिया में एक पत्र बड़ी तेज़ी से वाइरल हो रहा है जिसे एक आइएएस अधिकारी ने पीएमओ को लिखा है, इसमें उस अधिकारी ने आरोप लगाया है कि केपीएमजी कंपनी द्वारा उसके एक अधिकारी को घूस देने की पेशकस की गयी। जिसे अधिकारी ने नहीं लिया। उन्होंने कहा कि मामले की पड़ताल पर पता चला की कंपनी ने देश के कई बड़े अधिकारियों के सगे-संबंधियों को नौकरी पर रखा है। पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार झारखंड के पूर्व सचिव राजीव गौबा का बेटा इस कंपनी का कर्मचारी है।

गौरतलब है कि झारखंड में भी केपीएमजी द्वारा उद्योग, शिक्षा, पर्यटन और शहरी विकास विभाग में काम किया जा रहा है और ध्यान देने वाली बात ये है कि इस कंपनी की इंट्री राजीव गौबा ने ही की थी। इसके बाद मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने भी केपीएमजी के काम को आगे बढ़ाया। अब सवाल उठता है कि सीएस राजबाला वर्मा ने इस कंपनी को राज्य में कई विभागों में काम करने का मौका क्यों दिया। पीएमओ को लिखे पत्र से इस बात की पुष्टि होती है कि आइएएस लॉबी के प्रभाव का इस्तेमाल केपीएमजी कंपनी ने झारखंड में भी काम लेने में किया, और राजबाला वर्मा ने राजीव गौबा के काम को आगे बढ़ाया।

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