लालू से क्यों डरती है बीजेपी!

लालू बिहार ही नहीं देश की सियासत के लिए बेहद जरुरी राजनीतिक शख्सियत हैं। ऐसे समय में जब वे चारा घोटाले के मामले में सजायाफ्ता हैं। स्थितियां उनके विपरीत हैं। उनके चुनाव लड़ने पर पाबंदी है। इन सब के बावजूद पूरे देश के लोकतांत्रिक परिदृश्य में वे एकमात्र ऐसे सियासी हैसियत वाले नेता हैं जो लगातार बढ़ती बीजेपी के खिलाफ मजबूती से खड़े हैं। जानकारों की मानें तो इसके पीछे उनके साथ खड़ी उनकी सियासी जमीन तो है ही उनकी लोकप्रियता भी है। बिहार के अंदर वे जितना पॉपुलर हैं उससे कहीं ज्यादा वे देश के अन्य हिस्सों में चर्चा के केंद्र में रहते हैं।

देश में भले ही बीजेपी तेजी से बढ़ती जा रही है लेकिन ये भी सच है कि लालू प्रसाद ने बीजेपी के कद्दावर नेता लालकृष्ण आडवाणी का रथ जिस प्रकार 1990 में रोका था ठीक उसी प्रकार बिहार के 2015 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को पराजित कर उसके विजय अभियान को रोका था।

राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो देश में आज लालू ही एक मात्र ऐसे करिश्माई सियासी हस्ती हैं जो बीजेपी को चुनौती दे सकते हैं। उसकी सत्ता की कुर्सी छीन सकते हैं। लालू ही विपक्ष की ओर से एक ऐसी आवाज हैं जिससे बीजेपी को डर लगता है।

राजद नेताओं की मानें तो लालू के प्रति एनडीए सरकार इसलिए भी सख्ती दिखा रही है क्योंकि आनेवाले 2019 के चुनाव में लालू अपने प्रभाव से बीजेपी की जुमलेबाजी की हवा निकाल सकते हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *