अन्ना को क्यों नहीं मिला मिलर ग्राउंड!

19 तारीख को दीघा के पोलसन ग्राउंड में अब अन्ना का कार्यक्रम हो रहा है. पहले यह कार्यक्रम मिलर मैदान में प्रस्तावित था. ऐसे में बिहार के लाखों नौजवानों और किसानों के मन में यह सवाल है कि आखिरकार अन्ना हजारे जैसी शख्सियत के कार्यक्रम के लिए बिहार सरकार ने मिलर ग्राउंड क्यों नहीं दिया!

आए दिन मिलर ग्राउंड में राजनीतिक और तमाम तरह के सामाजिक कार्यक्रम होते रहते हैं. शिक्षा विभाग आसानी से मिलर ग्राउंड सबको उपलब्ध करता है तो फिर अन्ना के कार्यक्रम के लिए यह मैदान उपलब्ध नहीं कराने की वजह! इस पर अन्ना आंदोलन के बिहार प्रभारी संजय सिसोदिया कहते हैं कि बिहार सरकार में शीर्ष पर बैठे कई लोग नहीं चाहते कि अन्ना पटना आएं. वह नहीं चाहते कि किसानों के पेंशन का सवाल ताकत से उठाया जाए. सरकार में शामिल लोग यह भी नहीं चाहते कि सशक्त लोकपाल की बात हो, जिसे मुख्यमंत्री पर भी कार्रवाई का अधिकार मिले.

ऐसे में अन्ना आंदोलन से जुड़े लोग सरकार से सवाल पूछ रहे हैं, कि सरकार चाहती क्या है! क्या वृद्ध अन्नदाताओं और खेतिहर मजदूरों को यूंही अपमानित होने के लिए और तिल-तिल कर मरने के लिए छोड़ दिया जाए या वह यह चाहते हैं कि कमजोर लोकायुक्त की व्यवस्था चलती रहे. जिसे न किसी ताकतवर शख्स के खिलाफ कार्रवाई का अधिकार हो और भ्रष्टाचार की समानांतर अर्थव्यवस्था फलती-फूलती रहे.

बिहार सरकार के रवैया को लेकर अन्ना आंदोलन के हजारों सिपाही बिहार के गांव-गांव जाकर लोगों को बता रहे हैं कि सरकार की हठधर्मिता कितनी बढ़ गई है. कार्यकर्ता लोगों से दीघा में आने का आह्वान कर रहे हैं. अन्ना आंदोलन समिति को यकीन है कि बिहार के लाखों किसान अन्ना के कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और पेंशन के सवाल पर सरकार पर जन दबाव बढ़ाएंगे.

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