कहां गया विशेष राज्य का दर्जा दिलाने का वादा : तेजस्वी यादव

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को विरोधी दल के नेता तेजस्वी यादव ने बिहार की जनता की तरफ से राज्य को विशेष दर्जा दिलाने की मांग को लेकर पत्र लिखा है । उन्होंने सीएम से इस मुद्दे पर जवाब देने को कहा है। श्री यादव ने आम बजट 2018 ध्यान की ओर आकृष्ट कराते हुए कहा कि इस बजट में बिहार की जनता की अपेक्षाओं और हितों की अनदेखी की गई है। बिहार राज्य को विशेष दर्जा देने की मांग लंबे समय से की जा रही है। बिहार के विभाजन के समय तत्कालीन सरकार ने इस मांग को पुरजोर तरीके से उठाई थी। लेकिन उस समय भी तत्कालीन केंद्र सरकार में बिहार के एनडीए प्रतिनिधियों ने इस मांग की राह में रोड़ा अटका दिया था। अब जबकि राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच गठबंधन है तो जनता को ये कहकर बरगलाया जा रहा है कि आपसी समन्वय से राज्य का विकास तेजी से होगा, जो सरासर झूठ है।

उन्होंने कहा कि सरकार के लोग ये दावा कर रहे हैं कि ये डबल इंजन की सरकार है पर देखा जाय तो इस नई सरकार के बनने के बाद सिर्फ अपराधिक घटनाओं में ही वृद्धि हुई है। विकास की बात तो कोसो दूर कर दी गई है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि राज्य सरकार किन्हीं अज्ञात कारणों से किसी प्रकार का कोई तालमेल नहीं बैठा पा रही है। सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा एक-दूसरे पर राजनीतिक वर्चस्व स्थापित करने की होड़ के बीच राज्य की जनता पिस रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से सवाल करते हुए कहा कि इस बार आम बजट में बिहार को ना तो विशेष राज्य का दर्जा मिला, ना ही विशेष पैकेज या बाढ़ राहत के नाम पर ही कुछ मिला। आपके13 वर्षों के शासन काल में राज्य में रोजगार के नाम पर कुछ भी नहीं हुआ है। हां, घोटाले जरूर हुए हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज करते हुए कहा कि पीएम की वादाखिलाफी के जो टेप आप जनसभाओं में सुनाते थे कम से कम बीजेपी के साथ गठबंधन में जाने के बाद तो आम जनता को 15-15 लाख रुपए उनके खाते में दिलवा दीजिए। नेता प्रतिपक्ष ने सीएम नीतीश को याद दिलाते हुए कहा कि बिहार को विशेष राज्य का दर्जा दिलाने के लिए आपने जो अधिकार रैली की थी उसका आयोजन अब क्यों नहीं कर रहे हैं। बजट में बिहार के हितों की उपेक्षा करने पर केंद्र सरकार का विरोध करने की हिम्मत क्यों नहीं जुटा पा रहे हैं। बिहार की अनदेखी के खिलाफ अब तो हिम्मत जुटाइये ताकि बिहार की जनता को उसका अधिकार मिले।

उन्होंने कहा कि अगर आप ऐसा करने में असमर्थ हैं तो जनता इतना समझदार जरूर है कि वो ये समझ जाय कि विशेष राज्य की मांग आपका राजनीतिक हित साधने का एक जुमला भर था, इससे बढ़कर कुछ भी नहीं। उन्होंने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अब तो सत्तारूढ़ दल के सहयोगी भी ये मानने लगे हैं कि आपके सीएम रहते बिहार को विशेष राज्य का दर्जा कभी नहीं मिलेगा।

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