अब क्या करेंगे निशिकांत दुबे!

भाजपा के बड़बोले सांसद निशिकांत दुबे किसी न किसी वजह से हमेशा चर्चा में रहते हैं. लेकिन इस बार वह अपनी ही पार्टी के विधायक को घेरने की वजह से हिट विकेट हो गए. निशिकांत दुबे का इस तरह सियासी हिट विकेट होना उनके समर्थकों को खल रहा है.

कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं को लगने लगा था कि निशिकांत दुबे ने रघुवर दास खेमे में जगह बना ली है, कुछ महीने पहले सीएनटी और एसपीटी के सवाल पर निशिकांत दुबे ने राज्यपाल के खिलाफ भी टिप्पणी की थी. उस समय यह माना जा रहा था कि निशिकांत दुबे ने रघुवर कैंप में अपनी हैसियत बना ली है लेकिन ताजा घटनाक्रम को देखते हुए लग रहा है राज्य सरकार सांसद को इतना भाव नहीं दे रही है. निशिकांत दुबे अर्जुन मुंडा के वक्त भी राज्य सरकार के खिलाफ सियासी प्रवचन देते फिरते थे. ऐसे में लोगों को लगने लगा था कि नई सियासी व्यवस्था में वह फिट हो गए हैं जो गलत साबित हुआ. मुख्यमंत्री ने ना सिर्फ विधायक के स्टैंड को सपोर्ट किया बल्कि गोड्डा के SP को तत्काल प्रभाव से हटाया भी. गृह सचिव को मामले की जांच के लिए भी कहा. हो सकता है यह पूरा मामला निशिकांत दुबे के खिलाफ जाए, प्रशासनिक स्तर पर तो फिलहाल यही दिख रहा है अब सियासी तौर पर सांसद कैसी रणनीति बनाते हैं यह देखना दिलचस्प होगा, और चाहे जो हो लेकिन सांसद को जानने वाले यह जानते हैं कि वह चुप बैठने वालों में नहीं हैं इसलिए उम्मीद है कि कुछ दिनों तक संथाल और रांची की राजनीति गर्म रहेगी.

क्या कहा निशिकांत दुबे ने:

चर्चाओं का माहौल अभी थमा भी नही था कि सांसद निशिकांत दुबे ने अपने फेसबुक प्रोफाइल के जरिये कहा कि- विधायक अमित मंडल व मैं भाजपा के कार्यकर्ता व तिरंगे के सिपाही हैं, विगत कुछ दिनों से जो ख़बरें आ रही हैं वे राजनीति से प्रेरित है, विधायक जी के दादा आदरणीय सुमृत मंडल जी से मेरे परिवार के पुश्तैनी सम्बन्ध थे, रघुनन्दन मंडल जी किसी नेता के कहने पर या किसी के सामने भाजपा में नहीं आए थे वे केवल मेरे कहने पर आए थे, इसके एकमात्र गवाह सियाराम भगत हैं। अमित मंडल जी व मेरे सम्बन्धों के बारे में कोई राजनीति ना हो.

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