BJP हाईकमान के निशाने पर आ सकती हैं सीएम वसुंधरा!

बीजेपी के लिए राजस्थान में सबकुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। पार्टी हाईकमान सूबे में अपने तरीके से बदलाव लाना चाहती है लेकिन सीएम वसुंधरा राजे उसमें सहमत नहीं हैं। पार्टी अध्यक्ष अमित शाह राजस्थान बीजेपी की कमान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को सौंपना चाहते हैं पर सीएम ने इस पर अपनी नाराजगी जताई है। कुल मिलाकर हाईकमान अब ये समझने लगा है कि वसुंधरा के रहते मानमाफिक बदलाव संभव नहीं है। इसीलिए पार्टी में ऐसे लोगों को लगा दिया गया है जो ये समझने की कोशिश करें कि अगर वसुंधरा को साइडलाइन किया जाए तो क्या नुकसान हो सकता है।

राजनीतिक जानकारों की मानें तो वसुंधरा राजे की हठधर्मिता से आलाकमान भी उनसे रूठा हुआ है। वहीं पार्टी में कई ऐसे असंतुष्ठ नेता हैं जो मौके की तलाश में हैं और चाहते हैं कि वसुंधरा पर जैसे ही हाईकमान की नजर टेड़ी हो तो वे अपनी भड़ास निकालें।

बहरहाल, आलाकमान की दुविधा यह है कि वह चुनावी साल में वसुंधरा की बगावत की राह नहीं खोलना चाहता। पर उन्हें राह पर लाने के लिए उनकी अनदेखी तो शुरू कर दी है। कर्नाटक चुनाव के स्टार प्रचारक की सूची में उन्हें शामिल नहीं करके संकेत तो साफ दे ही दिए हैं। जबकि कर्नाटक में राजस्थान के मारवाड़ी मतदाताओं की बहुतायत है। अब आलाकमान ने वसुंधरा के वफादारों को तोड़ने की अघोषित रणनीति भी बनाई है। तभी तो सूबे के पार्टी प्रभारी वी सतीश इस मुहिम में जुट गए हैं कि वसुंधरा की हैसियत का अंदाज लग जाए। राजस्थान के पार्टी अध्यक्ष का फैसला आलाकमान ने कर्नाटक चुनाव तक टालने में भलाई समझी है। जाहिर है कि इस बार आलाकमान वसुंधरा के आगे समर्पण के मूड में नहीं लगता। उपचुनाव की हार ने यों भी वसुंधरा का रुतबा घटाया है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *