एनडीए में कुछ तो गड़बड़ है!

2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर बिहार की सियासत दिनों दिन काफी गरमाती जा रही है। एनडीए के सभी घटक दल अपने ही सहयोगियों पर लगातार हमला बोल रहे हैं। राजग ने इन्हीं कारणों से भाईचारा भोज का आयोजन किया था। इस भोज में NDA के सभी बड़े नेता शामिल हुए थे। एनडीए नेता लगातार यह दावा कर रहे हैं कि एनडीए में सब ठीक है। लेकिन उनके इस दावे में कोई दम नजर नहीं आ रहा है। क्योंकि इस भाईचारा में रालोसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री उपेंद्र कुशवाहा शामिल नहीं हुए।

जानकारी के अनुसार उपेंद्र कुशवाहा इस भोज से पहले एनडीए के वरिष्ठ नेताओं से बात करना चाहते थे। लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात नहीं की। हालांकि अमित शाह ने रामविलास पासवान, उद्धव ठाकरे से जरूर मुलाकात की। शायद यही बात उपेंद्र कुशवाहा को नागवार गुजरी है हांलाकि NDA में सब ठीक है यह दिखाने के लिए रालोसपा ने इस भोज में राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नागमणि और रामकुमार शर्मा को भेजा था।

रालोसपा नेता नागमणि ने कहा कि जदयू से ज्यादा सांसद रालोसपा के हैं। पार्टी का जनाधार बढ़ा है। उन्होंने यहां तक कह दिया कि उपेंद्र कुशवाहा बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अधिक जनाधार वाले नेता है। एक ओर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव श्याम रजक ने कहा कि 40 लोकसभा सीटों में से जदयू को 25 सीटें मिलनी चाहिए। यह हमारा हक है। जदयू सबसे बड़ा घटक दल है।

वहीं दूसरी तरफ भाजपा इस बात का खंडन कर रही है कि जब जदयू के पास मात्र दो ही सांसद हैं और बीजेपी के पास 22 सांसद हैं तो जदयू सबसे बड़ी पार्टी लोकसभा चुनाव में कैसे हो जाएगी। वहीं लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान ने कहा कि एनडीए में सब ठीक है। सीट बंटवारे का कोई विवाद नहीं है। भाजपा नेता नंदकिशोर यादव ने भी कहा कि सभी घटक दलों को अपनी बात रखने का अधिकार है। सीटों के लिए कोई विवाद नहीं होगा। सीटों का बंटवारा बहुत ही आसानी से हो जाएगा। उधर, विपक्षी पार्टी राजद के कई नेताओं ने कहा है कि लोकसभा चुनाव के पहले एनडीए टूट जाएगा। और जो भी पार्टी महागठबंधन में आना चाहेगा उसका हम लोग स्वागत करेंगे।

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