मुकदमा और लाठी के बल पर हक के लिए उठे आवाज को बंद नहीं किया जा सकता : आजसू

रांची। आजसू पार्टी के मुख्य केंद्रीय प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने कहा कि मुकदमा और लाठी के बल पर हक के लिए उठे आवाज को बंद नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा कि पीवीयूएनएल के खिलाफ 25 गांव के विस्थापित बुधवार से अपने अपने गांव में अपनी निम्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं-

  1. विस्थापितों को मुआवजा, नौकरी एवं पुनर्वास,
  2. तीन सितम्बर को विस्थापितों पर की गई लाठी चार्ज की घटना की जांच कर दोषी पदाधिकारियों पर शख्त कार्रवाई,
  3. विस्थापित ग्रामीणों किए गए झुठे केस/मुकदमे को वापस किया जाय को

सरकार को विस्थापितों के मांग गंभीरता से लेना चाहिए और इस समस्या का हल करने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित किया जाय जिसमें विस्थापितों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो।

सरना धर्म कोड
आगे उन्होंने कहा कि सरना कोड की मांग को लेकर विभिन सामाजिक संगठनों के द्वारा हमेशा से आवाज बुलंद किया जाता रहा है। आजसू पार्टी सरना धर्म कोड के विषय को राजनीतिक एवं सामाजिक मुद्दा मानती है। इसके लिए पार्टी सदन से सड़क तक अवाज उठायेगी। झारखंड सरकार इस विषय को गंभीरता से ले और वर्तमान विधान सभा सत्र मे पारित कर केंद्र सरकार को भेजे।

झारखंड लैंड म्युटेशन बिल 2020
सरकार द्वारा प्रस्तावित झारखंड लैंड म्युटेशन बिल 2020 के बारे में डॉ देवशरण भगत ने कहा कि यह लुट में छुट देने वाला बिल होगा। इसलिए इसपर पुनर्विचार करें।

अप्रवासी मजदूर
कोरोना काल में लाखों अप्रवासी मजदुरों आए। राज्य सरकार इनके रोजगार के लिए क्या नीति बनाई है यह स्पष्ट करें? क्योंकि आज सैकड़ों अप्रवासी रेलवे एवं एयरपोर्ट पर प्रतिदिन लाईन लगा कर बाहर जाते दिखई पड़ रहें।

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