अचानक नहीं था कुल्हड़ में मुख्यमंत्री का चाय पीना

मुख्यमंत्री का सड़क किनारे खड़े होकर कुल्हड़ में चाय पीना कोई अचानक कार्यक्रम नहीं था बल्कि एक सुविचारित राजनीतिक कार्यक्रम था। मुख्यमंत्री ने शहर के पोखरा चौक स्थित भरत की जिस चाय दुकान पर आधा दर्जन सचिवों व अधिकारियों के साथ कुल्हड़ में चाय की चुस्की ली, उस दुकानदार को स्थानीय थाना के कर्मियों द्वारा पांच घंटा पहले ही मुख्यमंत्री के आने की सूचना दे दी गयी।

दुकानदार को स्पेशल चाय बनाने व साफ - सफाई का निर्देश दिया गया था। दुकानदार ने अपने वीआईपी कस्टमर के इंतजार में दुकान के सभी स्टाफ को खास हिदायत के साथ अलर्ट रखा था। मुख्यमंत्री का शहर में पैदल चलना और सड़क किनारे चाय की चुस्की लेने का राजनीतिक उदेश्य था।

मुख्यमंत्री अपनी इस कथित अचानक यात्रा के बहाने हाल ही में कांग्रेस छोड़कर आयी वर्तमान नगर पर्षद अध्यक्षा अमिता रक्षित को निकाय चुनाव में प्रमोट करना चाहते थे. सूत्रों की मानें तो मुख्यमंत्री इस यात्रा के बहाने अमिता के घर जाकर लोगों को स्ट्रांग मैसेज को देना चाहते थे लेकिन उसके पहले ही दिन में मुख्यमंत्री को पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अमिता को पार्टी में शामिल होने व टिकट दिये जाने की मंशा पर सवाल उठाया।

पार्टी कार्यकर्ताओं के विरोध को देखकर सीएम अध्यक्षा के घर जाने का कार्यक्रम त्यागकर उन्हें साथ लेकर शहर घूम गये और चाय दुकान में चाय के बहाने पार्टी प्रत्याशी बनाने की अपनी मंशा जता दी। हालांकि पार्टी के अंदर खाने अमिता के खिलाफ जबरदस्त आक्रोश दिख रहा है जिसे मुख्यमंत्री के लिए पाटना किसी चुनौती से कम नहीं है।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *