लालू कुनबे में कलह से किसको होगा फायदा …

राजद कुनबे में तेजप्रताप की नाराजगी अब सबको खल रही है क्योंकि अब तक ढंके छिपे मतभेद के सार्वजनिक होने से राजद समर्थकों में बेचैनी है. लालू राबड़ी मोर्चा राजद की टीम बी बनने की तरफ बढ़ रहा है. ऐसे में राजद के कई नेता तेजप्रताप के मोर्चा बनाने को गलत और अपरिपक्व कदम बता रहे हैं तो कुछ तेजप्रताप के इस कदम को सही ठहरा रहे हैं. कुल मिलाकर लालू प्रसाद की अनुपस्थिति में राजद के दोनों भाइयों का यह कोहराम कहीं उत्तर बिहार के कुछ इलाकों में पार्टी की जीत की संभावनाओं को फीका ना कर दे ,अगर ऐसा होता है तो इससे एनडीए को सीधा फायदा होगा.

अपने समर्थकों की उपेक्षा से तेजप्रताप की नाराजगी सतह पर आ चुकी है. उन्होंने जहानाबाद और शिवहर से अपने उम्मीदवार खड़े करने की घोषणा कर दी. उन्होंने ये भी बताया कि शिवहर से अंगेश कुमार और जहानाबाद से चंद्र प्रकाश उनके मोर्चे के उम्मीदवार हैं. सोमवार को पटना में प्रेस कांफ्रेंस करके तेजप्रताप ने कहा कि सारण की सीट लालू की पारंपरिक सीट रही है और वे अपनी माता राबड़ी देवी से अनुरोध कर रहे हैं कि वे वहां से चुनाव लड़ें, ऐसा नहीं होने पर उन्होंने वहां से खुद को चुनाव मैदान में उतारने की बात कही. सारण से राजद ने तेज प्रताप के ससुर चंद्रिका राय को उम्मीदवार बनाया है.

तेजप्रताप क्या दवाब बनाने की रणनीति पर काम कर रहे हैं, क्योंकि जब तेजप्रताप से पूछा गयब कि क्या वे राजद से पूरी तरह अलग हो गए हैं तो उन्होंने कहा कि राजद और लालू राबड़ी मोर्चा एक ही है और तेजस्वी उनके अर्जुन हैं.

तेज प्रताप ने शिवहर और जहानाबाद से दो प्रत्याशियों को उतारा है. शिवहर से राजद ने अभी तक उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है. इस बीच राजद प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव ने कहा कि कोई विवाद नहीं है. सारी चीज़ें कुछ दिनों में ठीक हो जाएंगी.

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