बजट के बहाने BJP से किनारा करने के मूड में TDP

पीएम मोदी भले आम बजट को देश की जनता के हित में बता रहे हों पर इसका सियासी फायदा मिलता नहीं दिख रहा है। अब इसे राजस्थान में हुए चुनाव के परिणामों के बाद बदले हुए तेवर कहें या सियासी दांव पर फिलहाल तो इसका असर बीजेपी पर सीधा होता हुआ दिख रहा है। बजट में आंध्र प्रदेश के लिए कोई घोषणा नहीं होने से बीजेपी से ताल्लुक खत्म करने की धमकी सुनाई देने लगी है। इसमें पहला नाम आंध्र में सत्ताधारी टीडीपी का है।

कहा जा रहा है कि मोदी सरकार के इस बजट से टीडीपी खफा है। वहीं इस मुद्दे पर आंध्र प्रदेश के सीएम एन. चंद्रबाबू नायडू ने शुक्रवार को कैबिनेट सदस्यों के साथ बैठक की। वहीं टीडीपी ने भी शिवसेना की तर्ज पर 2019 लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की अगुवाई वाली एनडीए से अलग होने के संकेत दिए हैं। पार्टी का कहना है कि टीडीपी आंध्र प्रदेश के हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। मोदी सरकार में सहयोगी टीडीपी के सांसदों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे सकते हैं। सांसदों की नाराजगी के बाद टीडीपी चीफ चंद्रबाबू नायडू रविवार को उनके साथ बैठक करेंगे।

केंद्र सरकार के सहयोगी दल टीडीपी ने सरकार के बजट की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री तथा टीडीपी नेता वाईएस चौधरी ने कहा कि बजट को देखकर उन्हें निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों जैसे रेलवे, पोलावरम प्रोजेक्ट, अमरावती के लिए पूंजी समेत आंध्र प्रदेश के कई मुद्दों पर बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया है।

हालांकि आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने दोस्ती का हवाला देते हुए सहयोगी दल बीजेपी के साथ विवाद पर बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस बारे में तब बोलेंगे, जब भगवा दल गठबंधन जारी रखना नहीं चाहेगा।

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