तेजप्रताप के डर से सुशील मोदी ने बदली बेटे की शादी की जगह

बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी के पुत्र उत्कर्ष मोदी की शादी इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। अब सुशील मोदी ने सुरक्षा कारणों से अपने पुत्र उत्कर्ष के विवाह समारोह स्थल को बदल दिया है। उपमुख्यमंत्री के सचिव शैलेन्द्र कुमार ओझा ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि कुछ नेताओं की आपत्तिजनक टिप्पणियां और दी जा रही धमकियों के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी के पुत्र उत्कर्ष-यामिनी के विवाह समारोह के स्थल में परिवर्तन किया गया है। उन्होंने बताया कि पहले शादी समारोह आगामी 3 दिसम्बर को अपराह्न 03 से 05 बजे राजेन्द्र नगर स्थित शाखा मैदान से होना तय था जिसे अब परिवर्तित कर पटना एयरपोर्ट के नजदीक वेटनरी कॉलेज मैदान कर दिया गया है। सभी आमंत्रितों को इसकी संशोधित सूचना दी जा रही है।

बता दें कि बिहार के औरंगाबाद में लालू यादव के पुत्र तेजप्रताप ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि सुशील मोदी ने घर पर फोन कर बेटे उत्कर्ष मोदी की शादी का निमंत्रण दिया है। साथ ही उन्होंने कहा कि मोदी शादी में हमलोगों को बुलाकर बेइज्जत करना चाहते है। तेजप्रताप ने आगे कहा कि हम मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी में जाएंगे, तो वहीं जनता के बीच में पोल खोल देंगे। लड़ाई चल रहा है। हम नहीं मानेंगे। हम वहां भी राजनीति करेंगे। तेजप्रताप यहीं नहीं रुके। उन्होंने कहा कि गरीब-गुरबा को जो छला है, उसके घर में घुसकर मारेंगे। मैं रुकने वाला नहीं हूं। अगर वह शादी में बुलाएगा, तो वहीं सभा कर देंगे। वह अतिथियों के सामने बेइज्जत होगा।

वैसे तो देश में नेताओं के बेटे या फिर बेटियों की शादी हमेशा ही खास अंदाज या फिर बड़े राजशाही तरीकों से होती है। लेकिन बिहार के डिप्टी सीएम सुशील मोदी के बेटे उत्कर्ष की शादी में कुछ खास होने जा रहा है। जी हां, सुशील मोदी के बड़े बेटे उत्कर्ष मोदी की 3 दिसंबर को शादी है और होने से पहले ही ये शादी सुर्खियों में है। दरअसल, इस शादी में पीएम मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कई योजनाओं को शामिल किया जा रहा है।

इस शादी की सबसे खास बात तो ये है कि इस शादी के लिए किसी को भी निमंत्रण कार्ड नहीं भेजे गए हैं। दरअसल, शादी में पीएम मोदी के डिजिटल इंडिया स्कीम को फॉलो किया जा रहा है। इसलिए शादी के निमंत्रण सभी को डिजिटल अंदाज में वॉट्सऐप या फिर ईमेल के जरिए भेजे जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी को भी ईमेल के जरिए ही शादी का निमंत्रण भेजा गया है।

साथ ही सुशील कुमार मोदी ने अपने बेटे की शादी में दहेज लेने से भी मना कर दिया है। दरअसल, सीएम नीतीश कुमार ने इसी साल 2 अक्टूबर दहेज प्रथा और बाल विवाह के खिलाफ एक राज्यव्यापी अभियान शुरू किया था, जिससे प्रेरित होकर सुशील मोदी ने बेटे की शादी में दहेज लेने से मना कर दिया है। इसकी जानकारी बकायदा कार्ड पर भी दी गई है।

इसके अलावा एक खास बात और जो है वो ये कि शादी में न तो बैंड-बाजे की व्यवस्था है न ही बारात की। न तो नाच गाना होगा, न ही मेहमानों का औपचारिक स्वागत समारोह। बताया तो ये भी जा रहा है कि मोदी के बेटे की शादी में कोई पार्टी या भोज नहीं होगा बल्कि प्रसाद बांटा जाएगा।

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