दागी सांसदों और विधायकों पर अब स्पेशल कोर्ट कसेगा नकेल

अब दागी सांसदों और विधायकों पर जल्दी जल्दी कार्रवायी सम्भव हो पाएगी. अब दाग़ी माननीय के खिलाफ लंबित आपराधिक मुकदमे लम्बे नहीं खिचेंगे. देश की शीर्ष अदालत ने इस विषय में महत्व पूर्ण निर्देश दिए हैं. ऐसे मामले जल्द निपटाने के लिए विशेष अदालतों के गठन की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई हुई.

दाग़ी जन प्रतिनिधियों के आपराधिक मामलों को एक साल में निपटाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने अहम आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की उस स्कीम को हरी झंडी दी है, जिसमें केंद्र ने 12 विशेष अदालतों का गठन करने की बात कही थी. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को 7.80 करोड़ के फंड को तुरंत राज्य सरकारों को रिलीज करने को कहा है. राज्य सरकार को इन मामलों में हाईकोर्ट सलाह के बाद फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन करना होगा.

भारत सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि इस वक्त 1581 सांसद व विधायकों पर करीब 13500 आपराधिक मामले लंबित है और इन मामलों के निपटारे के लिए एक साल के लिए 12 विशेष अदालतों का गठन होगा. इसके लिए 7.80 करोड रुपये का खर्च आएगा. वित्त मंत्रालय ने 8 दिसंबर को इसके लिए मंजूरी भी दे दी है. अब सुप्रीम कोर्ट के ताज़ा निर्देश के बाद आरोपी जन प्रतिनिधि ज़्यादा दिन तक छुट्टा नहीं घूम पायेंगे.

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