किसी भी कीमत पर बिकने नहीं देंगे एचइसीः सुबोधकांत

कांग्रेस नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा है कि झारखंड और रांची की शान है एचइसी। जब इसकी स्थापना हुई थी तब पंडित जवाहर लाल नेहरू ने इसे मंदिर, मस्जिद, गिरजाघर और गुरुद्वारा की संज्ञा दी थी। यह रांची और झारखंड ही नहीं, देश की धरोहर है। हम इसे बिकने नहीं देंगे। एचइसी को बचाने के लिए जल्द बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। यदि HEC बिक गयी या बंद हुई, तो झारखंड की सरकार को भी जाना होगा क्योंकि जिस कैंपस में कंपनी है, जब वह कैंपस ही नहीं रहेगा, तो सरकार क्यों रहेगी?

श्री सहाय ने कहा कि एचईसी से उनका गहरा लगाव है। उनके जीवन का बड़ा हिस्सा एचइसी में बीता है। एचइसी उनके लिए राजनीति का मुद्दा नहीं है। यह लोगों के जीवन से जुड़ा मुद्दा है। लोगों की रोजी-रोटी से जुड़ा मुद्दा है।उनकी खुशी से जुड़ा मामला है। मजदूरों के भविष्य का मुद्दा है। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एचइसी सुरक्षित रहेगी, तो इस क्षेत्र के लोगों का भविष्य सुरक्षित रहेगा। यदि यह कंपनी बिक गयी, तो लोगों का भविष्य बर्बाद हो जायेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी भाजपा की सरकार सत्ता में आती है, सरकारी प्रतिष्ठानों को बेचने में लग जाती है। अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने सबसे पहले एचइसी को बेचने की कवायद शुरू की थी। किस्मत से बिक्री की प्रक्रिया पूरी होने से पहले उनकी सरकार चली गयी। ‘फील गुड’ वाली सरकार का अंत हुआ और कांग्रेस की सरकार केंद्र में आ गयी। इसके बाद उन्होंने सोनिया गांधी पर दबाव डालकर एचइसी को बीआइएफआर से बाहर निकलवाया और उसके लिए बड़े पैकेज की व्यवस्था करवायी।

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