छात्र नेताओं की रिहाई के लिए अनशन पर बैठे संगठन

राज्य के दलित, आदिवासी संगठनों ने आज राजभवन के समीप छात्र नेताओं की रिहाई को लेकर अनिश्चितकालीन अनशन की शुरुआत की है। इन संगठनों की मांग है कि छात्र नेता संजय महली को जल्द से जल्द रिहा किया जाए। इसके साथ ही 200 से अधिक छात्र, छात्राओं के ऊपर जो एफआईआर दर्ज किए गए हैं उसे बिना शर्त वापस लिया जाए।

इस मौके पर छात्र नेता अजय टोप्पो ने कहा कि अगर सरकार हमारी मांग पूरा नहीं करती है तो इसके खिलाफ पूरे झारखंड में आंदोलन किया जाएगा।

वहीं छात्र नेता सुरेंद्र पासवान ने कहा कि 2 अप्रैल 2018 को एससी, एसटी एक्ट में संशोधन को लेकर हुए प्रदर्शन में जो एफआईआर हुए थे उसे राजस्थान सरकार ने बिना शर्त वापस ले लिया है। उन्होंने कहा कि हम झारखंड सरकार से मांग करते हैं कि संजय महली के अलावा अन्य जिन लोगों पर भी एफआईआर दर्ज हुए हैं उसे वापस लिया जाए। इस मौके पर छात्र नेता अलविन लकड़ा ने कहा कि राज्य के सभी दलित, आदिवासी इस अनशन में शामिल हों और अपनी लड़ाई के प्रति मुखर हों।

बता दें कि एससी/ एसटी एक्ट में सुप्रीम कोर्ट के नए दिशा-निर्देश के बाद पूरे देश में इसको लेकर दलित, आदिवासी संगठनों ने गत 2 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन किया था, इस दौरान कई कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

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