कैसे होगा 15 जनवरी तक छात्र संघ चुनाव!

राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के सामने छात्र संघ चुनाव को लेकर बड़ी चुनौती है। सभी विश्वविद्यालयों को एक महीने से कम समय में छात्र संघ चुनाव कराना है। 1983 के बाद पहली बार एक साथ सभी विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव कराने की तैयारी चल रही है। लेकिन अब तक किसी भी विश्वविद्यालय ने चुनाव की तारीखों का एलान नहीं किया है। कुलाधिपति सत्यपाल मलिक ने 15 जनवरी 2018 तक छात्र संघ चुनाव करा लेने का डेडलाइन तय किया है, इसके बावजूद सभी विश्वविद्यालय तय समय सीमा तक चुनाव करा लेंगे इसकी उम्मीद कम ही नजर आ रही है।

कुलाधिपति सह राज्यपाल सत्यपाल मलिक के निर्देश के बाद भी छात्र संघ चुनाव को लेकर कई विश्वविद्यालयों में अब भी अंतिम सहमति नहीं बन पा रही है। अब भी कई तरह की समस्या विश्वविद्यालयों के सामने आ रही है, जिसे सोमवार को राजभवन में सभी विवि के कुलपतियों के बैठक में फिर से उठाये जाने की पूरी संभावना है। जय प्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में कर्मचारी पिछले महीने से ही हड़ताल पर हैं, जिससे काम-काज ठप है। ऐसे में एक महीने में छात्र संघ का चुनाव करा पाना संभव नहीं है। वहीं, तिलका मांझी विश्वविद्यालय में छात्रों की संख्या करीब 1.55 हज़ार है जो छात्र संघ चुनाव के लिए वोटर होंगे, लेकिन विवि परीक्षा के लिए फॉर्म भरने और परीक्षा देने की वजह से वे वोटर नहीं होंगे। ऐसे में अगर चुनाव हुआ तो मात्र 40-45 हज़ार छात्र ही वोट डाल सकेंगे।

दूसरी तरफ वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय आरा में नामांकन की प्रक्रिया चल रही है, जिससे यहां फरवरी से पहले चुनाव होने की संभावना है। वहीं, बीआरए बिहार विश्वविद्यालय में सत्र लेट होने के कारण उम्र सीमा को लेकर मामला फंसता दिख रहा है, जिससे छात्र चुनाव में शामिल नहीं हो सकेंगे। राजभवन द्वारा 15 जनवरी तक दिए गए डेडलाइन में छात्र संघ चुनाव हुए तो इसकी मान्यता जून 2018 तक ही रहेगी। लिंगदेह कमिटी के अनुसार किसी भी विश्वविद्यालय में छात्र संघ का चुनाव की मान्यता एक सत्र के लिए होती है। ऐसे में शैक्षणिक सत्र 2017-18 का समापन जून 2018 में हो जाएगा। ऐसे में सभी जीतने वाले अपने पद पर केवल पांच महीने तक रह पाएंगे।

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