श्रवण हुए नाराज़,जदयू में टूट का खतरा!

-दो दर्जन विधायक मंत्री श्रवण कुमार के संपर्क में
-नीतीश के राजगीर दौरे से भी अलग रहे ग्रामीण विकास मंत्री
-सांसद आरसीपी सिंह की दखलंदाजी से नाराज़ चल रहे श्रवण कुमार
-लालू के साथ जाने की अफवाह। डैमेज कंट्रोल में जुटा जदयू

जदयू से बड़ी सियासी खबर आ रही है। अपुष्ट खबरों के अनुसार सांसद आरसीपी सिंह की दखलंदाजी की वज़ह से नेतृत्व से नाराज़ चल रहे ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बागी तेवर अपना लिया है। आज राजगीर पहुंचे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मिलने भी नहीं पहुंचे श्रवण, जबकि आजतक सीएम के राजगीर पहुँचने पर सबसे पहले श्रवण ही उन्हें गुलदस्ता देते थे। श्रवण के बागी होने की खबर से जदयू में सियासी अफरातफरी मच गयी है। पार्टी का नेतृत्व डैमेज कंट्रोल की कोशिशों में जुट गया है, ग्रामीण विकास मंत्री को मनाने की कोशिशें हो रही हैं। इस बीच पार्टी सूत्रों ने बताया कि तकरीबन दो दर्जन नाराज़ विधायक श्रवण कुमार के संपर्क में हैं। और यदि बागी तेवर दिखा रहे श्रवण कुमार की नाराजगी दूर नहीं की गयी तो एक टूट तय है, जिसका फायदा राजद उठा सकती है।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद नेताओं में शुमार श्रवण कुमार नालंदा की राजनीति में सांसद द्वारा की जा रही बेजा दखलन्दाजी और संगठन से जुड़े उनके करीबियों की उपेक्षा से आहत थे। तल्खी काफी बढ़ गयी थी। मुख्यमंत्री से शिकायत के बाद भी जब इसपर रोक नहीं लगी तो मंत्री का धैर्य जवाब दे गया। इस बीच अफवाह फैली या फैलाई गयी कि श्रवण कुमार लालू प्रसाद के संपर्क में हैं, हालाँकि श्रवण के सहयोगियों ने इस खबर को गलत बताया और दावा किया गया कि जदयू को खड़ा करने में उनकी भी उतनी ही भूमिका है, जितनी नीतीश की, इसलिए श्रवण कुमार दल को तोड़ने की सोच भी नहीं सकते। वह कार्यकर्ताओं के सम्मान के सवाल को उठाते रहे हैं और आगे भी उठाते रहेंगे।

श्रवण की नाराजगी लम्बे अरसे से चल रही थी। यहाँ तक कि 31 अक्टूबर को पटेल जयंती भी दो अलग-अलग जगहों पर मनाई गयी। एक में आरसीपी रहे तो दूसरे कार्यक्रम में श्रवण कुमार। इससे पहले नालंदा जिले के 20 प्रखंड अध्यक्षों ने जिला संगठन प्रभारी के सामने बगावती तेवर अख्तियार करते हुए कहा था कि अब जदयू में समर्पित कार्यकर्ताओं की जिस तरह उपेक्षा हो रही है, उसके बाद पार्टी में रहने का क्या औचित्य! राजगीर की प्रखंड अध्यक्ष ने भी सार्वजानिक रूप से कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का सवाल उठाया।

इस बीच श्रवण कुमार के विरोधियों ने यह अफवाह उड़ा दी कि तकरीबन दो दर्जन विधायकों के साथ ये लालू के संपर्क में हैं। ये भी अफवाह उड़ी कि लालू प्रसाद ने इन्हें आगे बढ़ने की हरी झंडी दी है। जदयू के सभी प्रवक्ताओं ने इस अफवाह का खंडन करते हुए कहा है कि यह सरकार को अस्थिर करने का विपक्षी ड्रामा है। लेकिन सूत्र बताते हैं कि कुछ खिचड़ी पक रही है, तभी नीतीश कुमार के आज के राजगीर जाने के कार्यक्रम में अचानक संशोधन हुआ।

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