झारखण्ड में भी भाजपा का बाजा बजाएगी शिव सेना: कौशलेन्द्र

शिव सेना झारखण्ड में संगठन के विस्तार और रणनीति पर तेजी से काम कर रही है. हर जिले में सक्रिय कार्यकर्ताओं की टीम खड़ी की जा रही है. ताकि सरकार की नीतियों से लेकर हर जन मुद्दे पर लोगों के लिए संघर्ष किया जाय और पार्टी की जमीनी पकड़ ठोस की जाय. मिशन 2019 में पार्टी भूमि पुत्रों के साथ हो रहे नाइंसाफी के खिलाफ आवाज बुलंद करेगी और यही पार्टी का अहम मुद्दा भी होगा जिसके साथ लोगों के बीच शिव सेना जाएगी. ये बातें शिव सेना के झारखण्ड सह प्रभारी कौशलेन्द्र शर्मा ने कही.

श्री शर्मा ने कहा कि शिव सेना 2019 की लोक सभा और विधान सभा सीटों पर पूरे दम ख़म से चुनाव लड़ेगी. हमारी कोशिश है कि लोक सभा की सभी 14 और विधान सभा की 81 सीटों से दमदार उम्मीदवार उतारें. इसके लिए आगे सामान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ भी बात की जाएगी. ये कोई जरूरी नहीं की शिव सेना झारखण्ड में भी भाजपा के साथ ही चुनाव लड़े, ऐसे जो भी दल होंगे जिन्हें शिव सेना से परहेज नहीं है, हम उसके साथ चुनाव में उतर सकते हैं.

श्री शर्मा ने कहा कि संगठन को मजबूत करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है. अभी झारखण्ड के 12 जिलों में पार्टी के सभी नेता कार्यकर्ता हैं, इसके अलावा अन्य ज़िलों में भी संगठन के विस्तार का काम किया जा रहा है. अप्रैल 2018 तक हर जिले तक संगठन विस्तार का काम पूरा कर लिया जायेगा. इसके बाद रांची में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जायेगा जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संजय राउत आएंगे.

पार्टी किस चुनावी मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाएगी इस सवाल पर उन्होंने बताया कि भूमि पुत्रों का विकास और प्रखर राष्ट्रवाद हमारा नारा है. पार्टी का मानना है कि वह चाहे महाराष्ट्र हो या झारखण्ड, विकास में पहला हक़ वहां के बाशिंदों का है. झारखण्ड के निर्माण में आदिवासियों और मूलवासियों ने अपना खून–पसीना बहाया है. झारखण्ड आन्दोलन में अपना सबकुछ लूटा दिया है, फिर भी आज 17 साल बाद भी वे बेरोजगार हैं, गरीब हैं, भूख से मौत हो रही है, दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर हैं. हम जनता के बीच जाकर बतायेंगे की इसके लिए कौन जिम्मेवार है. जिस प्रकार शिव सेना ने महाराष्ट्र में भूमि पुत्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया ठीक उसी तर्ज पर आदिवासियों-मूलवासियों के लिए शिव सेना सड़क पर उतरेगी.

श्री शर्मा ने बताया कि रांची विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में पहली बार शिव सेना का छात्र संगठन, भारतीय विद्यार्थी सेना पूरी ताकत से चुनाव में उतरेगा. इसके साथ ही युवा सेना, कामगार सेना और महिला विंग में भवानी सेना को सशक्त करने की जोरशोर से तैयारी हो रही है. अगले कुछ महीनों में हर जिले और हर शहर में पार्टी जनहित के मुद्दों को लेकर लड़ाई लड़ेगी.

उन्होंने बताया कि बिहार में पिछले विधान सभा चुनाव में शिव सेना ने अपने बैनर तले 85 उम्मीदवार उतारे थे, इनमें 22 सीटों पर शिव सेना के उम्मीदवार तीसरे स्थान पर थे, जबकि लगभग सभी सीटों पर हमारा वोट प्रतिशत काफी अच्छा रहा था. इसलिए हमें विश्वास है कि पड़ोसी राज्य झारखण्ड में भी शिव सेना का प्रदर्शन अच्छा होगा और पार्टी अपना जमीन मजबूत करने में कामयाब होगी.

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *