बीमार लालू से BJP सरकार का सलूक निराशाजनकः शिवानंद

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानन्द तिवारी ने कहा है कि बीजेपी को उसका अहंकार ही खा रहा है। रांची के जेल और अस्पताल में झारखंड सरकार ने लालू प्रसाद के साथ जैसा व्यवहार किया उसको सब लोगों ने देखा। अभी इलाज के लिए लालू जी दिल्ली गए। लेकिन अनुरोध के बावजूद झारखंड सरकार ने हवाई जहाज़ से दिल्ली जाने की इजाज़त उन्हें नहीं दी।

उन्होंने कहा कि इस प्रकरण ने मुझे 1990 का स्मरण करा दिया। तब लालू जी मुख्यमंत्री थे। सोमनाथ से अयोध्या के लिए रामरथ पर सवार होकर आडवाणी निकल चुके थे। उस रथ यात्रा ने देश भर में सांप्रदायिक उन्माद पैदा कर दिया था। जगह-जगह दंगा भड़क गया था। रथयात्रा को बिहार से ही होकर अयोध्या जाना था। सब जानते थे कि आडवाणी जी के अयोध्या पहुंचने की इजाज़त देने का मतलब है कि वहां नरसंहार की इजाज़त देना। लालू प्रसाद ने तय कर लिया था आडवाणी को अयोध्या नहीं पहुंचने देंगे। समस्तीपुर में आडवाणी की गिरफ़्तारी हुई। उनके साथ अशोक सिंघल भी गिरफ़्तार हुए। गिरफ़्तारी के बाद आडवाणी को मसानजोर स्थित सरकार की डाकबंगला में हेलीकाप्टर से पहुंचाया। रसोइया, डाक्टर और अन्य सेवादार वहां नियुक्त किए गए। लगभग रोज़ाना फ़ोन पर लालू प्रसाद, आडवाणी जी का हाल-चाल लेते रहे।

इसके कुछ ही दिन बाद आडवाणी जी की पत्नी, बेटी आदि परिवार के सदस्य उनसे मिलने के लिए पटना आए और सड़क के रास्ते मसानजोर जा रहे थे। लालू प्रसाद को जैसे जानकारी मिली उन्होने बिहार सरकार के हेलीकाप्टर से उनलोगों को मसानजोर भेजवाया। आज झारखंड में आडवाणी जी के चेलों की सरकार है। लेकिन बीमार लालू को उनलोगों ने बेहतर इलाज के लिए हवाई जहाज़ से दिल्ली नहीं जाने दिया। सारे झंझावातों के बावजूद लालू यादव का मज़बूती के साथ राजनीति और समाज में टीके रहने का एक रहस्य उनका मानवीय व्यवहार भी है। उनके विरोधियों को और विशेष रूप से नीतीश कुमार को इस मामले में लालू जी से सीख लेनी चाहिए।

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