शत्रुघ्न का मोदी सरकार पर बड़ा हमला!

-80 % पार्टी मेंबर चाहते थे कि आडवाणी ही बनें राष्ट्रपति

बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा का अपनी ही पार्टी पर लगातार हमला जारी है। इस बार सिन्हा ने बड़ा बयान दिया है, उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी बनाए जाएं, इसका समर्थन पार्टी में अधिकतर लोगों ने किया था। देश के अगले राष्ट्रपति के तौर पर पार्टी के 80 फीसदी लोग लालकृष्ण आडवाणी को आगे करना चाहते थे, लोग चाहते थे कि आडवाणी जी ही देश के राष्ट्रपति बनें। मैंने इस मुद्दे पर पार्टी में बड़ी संख्या में लोगों से बात की थी।’ साल की शुरुआत में राष्ट्रपति उम्मीदवार के लिए आडवाणी के पक्ष में प्रचार करने वाले सिन्हा ने उन्हें अपना दोस्त, दार्शनिक, मार्गदर्शक, गुरु बताया है। भाजपा आलाकमान द्वारा रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति पद के लिए नामित करने से पहले बॉलीवुड अभिनेता ने ट्विटर पर आडवाणी के समर्थन में अभियान चलाया था। जब पूछा गया कि क्या आडवाणी ने अपनी भूमिका के बारे में सोचा था। तब सिन्हा ने कहा ये ऐसा नहीं था जैसी हमने योजना बनाई थी।

गौरतलब है कि 2013 में जब नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया था तो आडवाणी उस गुट की अगुवाई कर रहे थे जिसका मानना था कि मोदी को पीएम उम्मीदवार नहीं घोषित करना चाहिए, खुद शत्रुघ्न सिन्हा ने इस बात का समर्थन किया था। हालांकि इस गुट की राय को स्वीकार नहीं किया गया था और नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया था, जिसके बाद पार्टी को प्रचंड जीत हासिल हुई और नरेंद्र मोदी देश के प्रधानमंत्री बने। मोदी के पीएम बनने के बाद पार्टी के भीतर एक नई परंपरा शुरू हुई मार्गदर्शक मंडल की और लालकृष्ण आडवाणी की पार्टी के भीतर सलाहकार की भूमिका को खत्म कर दिया गया। यही नहीं खुद शत्रुघ्न सिन्हा को भी पार्टी ने धीरे-धीरे किनारे लगा दिया और उन्हें पार्टी के अहम कार्यक्रमों से बाहर रखा जाने लगा। यहां तक कि मूलरूप से बिहार से आने वाले सिन्हा को पटना विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के कार्यक्रम में भी न्योता नहीं दिया गया।

शत्रुघ्न सिन्हा लगातार पार्टी के भीतर रहते हुए सरकार की नीतियों की आलोचना करते रहे हैं, हालांकि उन्होंने कभी भी पार्टी छोड़ने की बात नहीं कही। उन्होंने कहा कि मेरी पहली और आखिरी पार्टी भाजपा है, मैं पार्टी में उस वक्त आया था जब पार्टी में सिर्फ दो सांसद थे। खुद को मंत्री नहीं बनाए जाने पर भी सिन्हा ने अपरोक्ष रूप से पीएम मोदी और अमित शाह पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि पार्टी अब टू मेन आर्मी है। उन्होंने कहा कि मैंने पीएम मोदी और अमित शाह से मिलने की कोशिश की लेकिन मुझे मिलने का समय नहीं दिया गया।

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