अनंत हेगड़े को भेजो मेंटल हॉस्पिटलः अन्ना हजारे

संविधान पर विवादित बयान देकर फंसे केंद्रीय कौशल विकास राज्‍यमंत्री अनंत कुमार हेगड़े पर लगातार हमले जारी हैं। अब इस मामले पर बुजुर्ग गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता अन्‍ना हजारे ने उनको आड़े हाथ लिया है। भ्रष्‍टाचार के खिलाफ अभियान चलाने वाले अन्‍ना हजारे ने केंद्रीय मंत्री को मेंटल हॉस्पिटल भेजने की सलाह दे डाली है। हेगड़े ने खुद को धर्मनिरपेक्ष बताने वालों की आलोचना करते हुए कहा था कि लोगों को जाति और धर्म के आधार पर खुद की पहचान बतानी चाहिए। साथ ही उन्होंने संविधान बदलने की भी बात कही थी।

केंद्रीय मंत्री ने लोकसभा में अपने बयान के लिए माफी भी मांगी थी। इसके बावजूद लोगों की नाराजगी कम नहीं हो रही है। अन्‍ना हजारे ने कहा कि संविधान में बदलाव करने की बात करने वाले हेगड़े जैसे लोगों का मेंटल हॉस्पिटल में इलाज कराने की जरूरत है। वह शुक्रवार को अपने गांव रालेगण सिद्धी में पत्रकारों से मुखातिब थे। गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, ‘संविधान जनता की आकांक्षाओं को दिखाता है। देश का संघीय ढांचा और बहुलता स‍ंविधान के आदर्शों और मूल्‍यों के कारण की बरकरार है। संविधान निर्माताओं ने इसे संविधान में शामिल किया था। ऐसे में इस तरह का बयान नहीं देना चाहिए।’ अन्‍ना हजारे ने नोटबंदी और भ्रष्‍टाचार पर भी अपना रुख स्‍पष्‍ट किया। उन्‍होंने कहा, ‘बड़े मूल्‍य वाले नोटों को वापस लेने से भ्रष्‍टाचार पर अंकुश नहीं लग सका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत को भ्रष्‍टाचार मुक्‍त कराने के लक्ष्‍य को हासिल करने में असफल रहे हैं।’ पीएम मोदी ने नवंबर, 2016 में पांच सौ और हजार के नोट वापस लेने की घोषणा की थी।

मालूम हो कि कर्नाटक में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनंत हेगड़े ने विवादास्‍पद बयान दिया था। उन्‍होंने कहा था कि उन्‍हें वैसे लोग पसंद हैं जो अपनी पहचान धर्म और जाति के आधा‍र पर बताते हैं। केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा था कि अगर जरूरत पड़ी तो इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया जाएगा और वह इसीलिए आए हैं। उनके बयान की कड़ी आलोचना हुई थी। यहां तक कि कर्नाटक के पूर्व मुख्‍यमंत्री और भाजपा के वरिष्‍ठ नेता बीएस येद्दयुरप्‍पा ने भी अनंत हेगड़े को इस तरह का बयान देने के बजाय विकास से जुड़े मुद्दों को उठाने की सलाह दी थी।

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