संथाल का हर हाल में करेंगे कायाकल्पः मुख्यमंत्री

आजादी के बाद से ही संथाल परगना राज्य का सबसे पिछड़ा क्षेत्र है। शिक्षा, बिजली, सड़क, पानी समेत हर क्षेत्र में पिछड़ा है। 2014 में सरकार में आने के बाद से हमने संथाल के विकास पर विशेष जोर दिया है। इसके नतीजे भी दिखाई दे रहे हैं। लेकिन अभी भी काफी कुछ करना बाकी है। यहां के लोगों के जीवन में बदलाव लाकर ही हम वास्तविक विकास ला सकेंगे। पीएम मोदी सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं को लागू कर हम इस क्षेत्र में अमूल-चूल परिवर्तन कर पायेंगे।
उक्त बातें मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहीं। वे आज झारखंड मंत्रालय में संथाल परगना प्रमंडल में फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत जैसे ही घर-घर बिजली पहुंचेगी, लोगों के जीवन में बदलाव आयेगा। बच्चे देर तक पढ़ सकेंगे। दुकानें देर तक खुल सकेंगी। टेलीविजन के माध्यम से देश-दुनिया में हो रहे बदलावों से अवगत हो सकेंगे। सौभाग्य योजना के तहत संथाल परगना के हर जिले में दिसंबर 2018 तक घर-घर बिजली पहुंचा दी जायेगी। इसके लिए टाइमलाइन बनाकर काम किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें झारखंड को बिचौलिया, सिंडिकेट, भ्रष्टाचार से मुक्त करना है। गांव के विकास के लिए विभिन्न विभागों की योजनाओं को लागू करने में गांव की आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति को जोड़ें। इससे अवांछित तथा किसी किस्म के बिचैलिये से मुक्ति मिलेगी। साथ ही जनभागीदारी से गांवों का विकास होगा। समय आ गया है कि आदिवासी विकास समिति, ग्राम विकास समिति, महिला स्वयं सहायता समूह (सखी मंडल), डिस्ट्रीक-ब्लॉक को-ऑर्डिनेटर आदि की मदद से हम अपनी योजनाओं को लागू कराएं। गांव के लोग अपने गांव के विकास कार्यों में रूचि लेंगे। इसलिए लोगों को जोड़ें। जन आंदोलन बनाकर काम करने से योजनाएं तेजी से धरातल पर उतरेंगी। बजट के अलावा कई अन्य माध्यमों से जिलों को राशि मिल रही है। उसका उपयोग छोटी-छोटी योजनाओं को पूरा करने में करें। गरीब, आदिवासी, अनुसूचित जाति, जनजाति आदि के जीवन में बदलाव लाने में पैसे की कमी आड़े नहीं आने देंगे।
उन्होंने कहा कि संथाल परगना के कुछ इलाके में अभी भी कालाजार का प्रकोप है। कच्चे घर, सीलन और अंधकार वाले जगह में ये पनपते हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान बनने से इन क्षेत्रों में कालाजार जैसी बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकेगा। कालाजार फैलाने वाला कीड़ा कच्चे मकानों में घर बना लेता है। मकान पक्के हो जायेंगे, नये मरीजों की संख्या कम हो जायेगी। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग अभियान चलाये।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लाभुकों तक एलपीजी कनेक्शन पहुंच जायेगा, तो महिलाओं के पास काफी समय बचेगा। इससे वे जीविकोर्पाजन के अन्य काम कर सकेंगी। उनका जीवनस्तर ऊपर उठेगा। उज्जवला तथा उज्जवला प्लस के लक्ष्य को एक कार्य योजना के तहत पूरा करें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देवघर जिला ओडीएफ हो चुका है तथा 02 अक्टूबर 2018 तक सभी जिले ओडीएफ घोषित हों। अन्य जिले आपस में समन्वय बनाकर महिला रानी मिस्त्री के द्वारा अधिक से अधिक शौचालय का निर्धारित टाइमलाईन के भीतर निर्माण करें। स्वच्छता से बीमारियों से बचा जा सकता है। खुले में शौच जाने से काफी बीमारियां होती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछड़ापन का प्रमुख कारण अज्ञानता है। संथाल में लोगों को शिक्षित कर क्षेत्र का तेजी से विकास किया जा सकता है। विकास हो या सामाजिक समस्या सबका हल शिक्षा से ही होगा। गांव के पढ़े लिखे युवकों को घंटी आधारित कक्षा के लिए नियुक्त करें। मॉडल स्कूल पर विशेष फोकस करते हुए अधिक से अधिक नामांकन को बढ़ावा दिया जाए। दूर के बच्चों के आवागमन के लिए यातायात की सुविधा उपलब्ध करायें। कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय में पढ़नेवाली बच्चियों के कौशल विकास पर भी पूरा ध्यान रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड में बाल विवाह भी एक समस्या है। हमें लोगों को जागरूक कर गैर बाल विवाह गांव, पंचायत, प्रखंड, जिला बनाना है। दो साल तक जहां बाल विवाह नहीं होगा, उस पंचायत को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

उपायुक्त बिजली के लिए हर दस दिन में बैठक कर समीक्षा करें। इसी प्रकार प्रतिदिन किसी न किसी योजना की समीक्षा करें।
24 मई को जल संग्रहण दिवस का आयोजन किया जा रहा है। इसे वृदह पैमाने पर आयोजित किया जायेगा। इसके तहत बड़े तालाबों के साथ ही संथाल परगना के विभिन्न जिलों के गांव में 411 परकुलेशन टैंक आदिवासी विकास समिति/ग्राम विकास समिति के माध्यम से बनाए जाएंगे। 20-29 जून 2018 तक कृषि महोत्सव का आयोजन किया जायेगा। इसमें किसानों को बीज, फसल बीमा, सॉयल हेल्थ कार्ड आदि का वितरण किया जायेगा।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *