नहीं थम रहा सीएस, डीजीपी, एडीजी पर सदन में हंगामा

मुख्य सचिव राजबाला वर्मा और डीजीपी डीके पांडेय को हटाने और बर्खास्त करने की मांग को लेकर विपक्ष दलों ने बजट सत्र के दूसरे दिन भी विधानसभा के अंदर और बाहर जोरदार हंगामा किया। प्रदीप यादव ने सदन की कार्रवाई शुरू होते ही कहा कि सीएस, डीजीपी और एडीजी पर गंभीर आरोप हैं लेकिन फिर भी वो अपने पद पर बने हुए हैं। इसे ही कार्य स्थगन में लाया गया है। गंगोत्री गंदा होगा तो गंगा कैसे स्वच्छ रहेगा। उन्होंने कहा कि डीजीपी ने 514 लोगों को नक्सली करार दिया था। ऐसे लोगों को पद पर नहीं होना चाहिए।

वहीं इस मामले पर संसदीय कार्य मंत्री सरयू राय ने कहा कि सदन के सदस्यों को अधिकार है कि वो कार्य स्थगन लायें। सरकार काम को निष्पादित करने का काम कर रही है। सरकार अपने विषय पर काम कर रही है। सरकार से विपक्ष ने पहले बात नहीं की है। ऐसे में यह कार्यस्थगन का विषय नहीं होना चाहिए। विषय को सरकार ने संज्ञान में लिया है। सरकार किसी को संरक्षण नहीं दे रही है। नियम के अनुरूप कार्रवाई कर रही है। इस कारण कार्य स्थगन को वापस लिया जाये।

वहीं नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरने ने कहा कि जो गतिरोध आज सदन में है वह काफी संवेदनशील है। पूर्व मुख्य सचिव ए के सिंह का मामला सदन में उठा था और उनको हटना पड़ा था। गांव से संसद तक जलियावाला बाग बना हुआ है। विचार करने की जरुरत है। जिन पदाधिकारियों पर सवाल उठे हैं क्या वो कानून की परवाह करते हैं। जो मंत्री सरकार को कठघरे में खड़ा कर रहे हों और सदन में विपक्ष को गलत ठहरायें यह सही नहीं है। सदन की गरिमा तार-तार हो रही है। पहली बार सदन में चुन कर आये नेता जो बेल में आये उन पर कार्रवाई होती है। सदन के नेता सदन में गाली गलौज करते है। जेएमएम के विधायकों ने लिखित शिकायत सदन को दी है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सदन में युवाओं के विरुद्ध विधेयक पास होते हैं। इतना गद्दार नहीं है विपक्ष। सदन नेता आसन को धमकाने का काम करते हैं। गरीबों के विरुद्ध अगर कोई बात होती है तो हम भी बलिदान देने का काम करेंगे। ऐसे में सदन को चलने का कोई औचित्य नहीं है। सदन नेता ने पूरे सदन को कौरव की सभा बना दी है।

इससे पहले जगन्नाथ महतो, प्रदीप यादव, इरफान अंसारी, अमित महतो ने सीएस, एडीजी, डीजीपी को पद मुक्त कर उनके कार्य की जांच सीबीआई से करवाने की सूचना दी। वहीं अरुप चटर्जी, जगन्नाथ महतो, इरफान अंसारी और राजकुमार यादव ने अक्षय पात्रा को एक रूपये मे जमीन देने पर कार्य स्थगन लाया है। सदन ने इन सभी विषयों को अमान्य करार दिया।

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