मोहन भागवत टटोलेंगे यूपी की जनता का मिजाज

मोदी सरकार के कामकाज पर यूपी की आम जनता का मूड क्या है। उनकी समस्याएं, उम्मीदें क्या हैं अब कितना खरा उतरी है सरकार इन्हीं सभी बातों को खंगालने मोहन भागवत उत्तर प्रदेश जाएंगे। जो बातें इस दौरे से निकल कर सामने आएंगी इसी से तैयार होगा बीजेपी का चुनावी एजेंडा। बता दें कि संघ प्रमुख मोहन भागवत 12 दिनों तक उत्तर प्रदेश के दौरे पर रहेंगे। दौरे की शुरूआत पीएम नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से हो रही है। भागवत अगले लोकसभा चुनाव से पहले संघ की तैयारी की थाह लेने के मूड में हैं। इस दौरान वे आरएसएस के नेताओं और स्वयंसेवकों के साथ लगातार बैठकें करेंगे।

इस दौरान वे बीजेपी के बड़े नेताओं के साथ भी विचार विमर्श करेंगे। वाराणसी के बाद संघ की बैठक पहले आगरा और फिर मेरठ में होगी। मिशन 2019 के लिए भागवत घूम-घूम कर स्वयंसेवकों के मन की बात जानेंगे। भागवत के इस होमवर्क के बाद अमित शाह चुनावी रणनीति तैयार करेंगे। होली के बाद बीजेपी अध्यक्ष यूपी का दौरा करेंगे। पार्टी के संगठन मंत्री सुनील बंसल ने इस एजेंडे पर काम शुरू कर दिया है।

तय कार्यक्रम के मुताबिक़ मोहन भागवत गुरुवार शाम वाराणसी पहुंच जायेंगे। 16 से 21 फ़रवरी तक वे लगातार संघ के पदाधिकारियों की क्लास लेंगे। काशी, गोरक्ष और अवध प्रान्त से आरएसएस और उसके सहयोगी संगठनों से जुड़े लोगों को बुलाया गया है। वाराणसी के आसपास के जिले काशी क्षेत्र में आते हैं।

गोरखपुर और उसके आसपास का इलाक़ा गोरक्ष जबकि लखनऊ से सटे जिले अवध क्षेत्र कहलाता है। संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय में 21 हज़ार स्वयंसेवकों को संबोधित करने का भी भागवत का कार्यक्रम है। आपको बता दें कि 2014 से पहले भी वाराणसी में ऐसी ही बैठक के बाद मोदी के यहां से चुनाव लड़ने पर मुहर लगी थी। सरसंघचालक के साथ भैयाजी जोशी और कृष्ण गोपाल भी सभी बैठकों में मौजूद रहेंगे।

22 और 23 फ़रवरी को मोहन भागवत आगरा में रहेंगे। यहां वे संघ के ब्रज क्षेत्र के कार्यकर्ताओं और अधिकारियों से संवाद करेंगे। आगरा से लेकर मथुरा तक के कुछ बीजेपी नेताओं को भी संघ प्रमुख की बैठक में बुलाया गया है। इसके बाद भागवत मेरठ चले जायेंगे। यहां पश्चिम क्षेत्र की मीटिंग होगी।

मेरठ से सटे मुरादाबाद, सहारनपुर, बागपत, मुजफ्फरनगर और बुलंदशहर समेत यूपी के 14 जिले और उत्तराखंड भी इस क्षेत्र में आते हैं। 25 फ़रवरी को आरएसएस यहां एक बड़ा कार्यक्रम कर रही है। जिसमें तीन लाख स्वयंसेवकों को बुलाया गया है। जूना अखाड़े के आचार्य अवधेशानंद गिरी, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ और उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत भी इसमें मौजूद रहेंगे।

संघ प्रमुख अपने स्वयंसेवकों को दिशा निर्देश देंगे। संघ के एक बड़े पदाधिकारी ने बताया कि यूपी दौरे से भागवत को जो फ़ीडबैक मिलेगा। उसे बीजेपी नेतृत्व के साथ साझा किया जायेगा। मोदी सरकार के कामकाज पर आम जनता का मूड क्या है। उनकी समस्याएं और उनकी उम्मीदें। इसी से तैयार होगा बीजेपी का चुनावी एजेंडा। होली के बाद पार्टी अध्यक्ष अमित शाह यूपी में 20 बैठकें करेंगे। हर चार लोकसभा सीटों को मिला कर एक मीटिंग तय की गई है।

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