चुनावी चेहरे को लेकर एनडीए में घमासान

मिशन 2019 को लेकर सियासी घमासान तेज हो चुका है। सूबे में सभी पार्टियों ने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। आम चुनाव को लेकर नए सियासी समीकरणों का संकेत दे दिए जा रहे हैं। अभी से ही बिहार में राजनीतिक पार्टियों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है। NDA में सीटों के लेकर बयानबाजी तेज हो गई है। एक तरफ जहां भाजपा यह कह रही है कि एनडीए लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर लड़ेगी। वहीं दूसरी ओर जदयू का कहना है कि बिहार में सबसे बड़ी पार्टी होने के कारण लोकसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा। दोनों पार्टियों के नेताओं के बयान बाजी को रोकने के लिए उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था कि बिहार में नीतीश कुमार का चेहरा से चुनाव लड़ा जाएगा। लेकिन एक बार फिर भाजपा नेता नवल किशोर यादव ने बयान देकर बिहार की राजनीति को गरमा दिया।

उन्होंने कहा कि 2019 का लोकसभा चुनाव बिहार में एनडीए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे पर ही लड़ेगी। उन्होंने कहा कि जदयू कह रही है कि वह सबसे बड़ी पार्टी है। नवल किशोर ने कहा कि 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा बिहार में 22 सीटों पर चुनाव जीती है और जदयू मात्र दो लोकसभा सीटों पर। तो जदयू बड़ी पार्टी कैसे हो गई। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव में जदयू जरूर बड़ी पार्टी है। इसलिए लोकसभा चुनाव प्रधानमंत्री के नरेंद्र मोदी के चेहरे पर और विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के चेहरे पर लड़ा जाएगा। वहीं भाजपा सांसद छेदी पासवान ने तो यहां तक कह दिया कि जदयू को बड़ा भाई और बिहार में एनडीए का चेहरा नीतीश कुमार को वे नहीं मानते। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को सत्ता का लालची होने का आरोप लगाया। बता दें कि एनडीए की सहयोगी पार्टी भाजपा के अध्यक्ष पशुपति नाथ पारस ने भी कहा है कि लोकसभा चुनाव में जीती हुई सीटों से कोई समझौता नहीं होगा।

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