बीजेपी और संघ का एजेंडा दलितों, पिछड़ों के खिलाफः तेजस्वी

राजद ने बीजेपी और संघ पर हमला किया है साथ ही इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए सत्ताधारी एनडीए पर निशाना साधा है कि राजद दलितों, पिछड़ों के खिलाफ है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा है कि समाज में भेद-भाव खत्म होना चाहिए। कुछ लोग कहते हैं कि 1990 से बिहार में जातिवाद बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि जब राजद दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों के हक के लिए लड़ती है। तो ये लोग आरोप लगाते हैं कि हम लोग जातिवाद की राजनीति करते हैं।

तेजस्वी यादव ने केंद्र और राज्य सरकार को आड़े- हाथों लेते हुए कहा कि भाजपा और आरएसएस आरक्षण खत्म करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि मेरे न्याय यात्रा से विपक्षी दल घबरा गये हैं। केंद्र और राज्य सरकार गरीबों का हक छिनना चाहते हैं। केंद्र सरकार जातियों को आपस में लड़वाने का काम कर रही है। ये लोग पिछड़ों को आगे नहीं बढ़ने देना चाहते। तेजस्वी ने सीएम नीतीश कुमार पर हमला करते हुए कहा कि नीतीश भाजपा के साथ मिलकर हमलोगों के परिवार पर झूठा केस कर फंसा रहे हैं। सुशील मोदी हमलोगों पर ईडी, सीबीआई से परेशान करवा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जो नेता इन दलितों, पिछड़ों, अति पिछड़ों के हक के लिए आवाज उठायेगा। उन्हें ये लोग जेल भिजवा देगें। उन्होंने कहा कि राजद राज्यसभा में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मायावती को भेजना चाह रही थी। लेकिन मायावती ने कहा कि जब भाजपा की सरकार है वे संसद नहीं जायेंगी। तेजस्वी ने कहा कि कुछ लोग बिहार समेत देश में बाबा साहब भीम राव अंबेदकर के सपनों को पूरा नहीं होने देना चाहते हैं।

तेजस्वी ने राम विलास पासवान और उनके बेटे चिराग पासवान को भी निशाने पर लिया और कहा कि वो आरक्षण की समीक्षा की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि मैं पूछता हूं कि चिराग पासवान आरक्षित सीट से चुनाव क्‍यों लड़ते हैं। उनके पिता आरक्षित सीट से चुनाव क्यों लड़ते हैं। ये भाजपा आरएसएस के लोग पिछड़ों को दबाना चाहते हैं।

उन्होंने सरकार से मांग की तामिलनाडु के तर्ज पर बिहार में भी 70 प्रतिशत आरक्षण लागू किया जाय। नीतीश कुमार ने बिहार की जनता को धोखा दिया। कुर्सी के लोभ में वे महागठबंधन से हट कर भाजपा के साथ मुख्यमंत्री बन गये। नीतीश कुमार ने चार साल में चार सरकार बनायी। नीतीश विकास पुरूष नहीं विनाश पुरूष हैं। बिहार में शराब ही होम डिलेवरी हो रही है। गरीबों को केस में फंसाकर जेल भेज दिया जाता है। और शराब माफिया धड़ल्ले से अपना कारोबार कर रहे हैं। सीएम नीतीश कुमार ने बालू, गिट्टी बंद कर मजदूरों को भूखमरी के कगार पर ला दिया है।

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