सरकारी योजनाओं का पैसा योजना में ही खर्च हो : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अधिकारियों को कहा है कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का पैसा अगर किसी लाभुक के खाते में आता है, तो उस राशि से किसी भी अन्य लोन का पैसा नहीं कटना चाहिए। बैंक के अधिकारी इसे सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि इस संबंध में पत्र जारी कर निर्देश दें। राशि जिस योजना के लिए आयी है, उसी में खर्च होनी चाहिए। इसमें किसी प्रकार की शिकायत नहीं मिलनी चाहिए। यह पूरी तरह से अनैतिक है। ये बातें मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को प्रोजक्ट भवन में बैंकर्स को के दौरान कही।

उन्होंने कहा कि जन धन खाता खोलने के लिए गारंटर मांगने की भी काफी शिकायतें आ रही हैं। जबकि खाता खोलने के लिए आधार नंबर ही काफी है । ऐसी शिकायत अब नहीं मिलनी चाहिए। उन्होंने वित्त विभाग को इस तरह की शिकायतों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आज भी बहुत से गांवों में जनता को बुनियादी सुविधाएं मुहैया नहीं हो सकी हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया का लक्ष्य दिया है। जहां कोई बेघर न हो, सबके घर में शौचालय हो, सबका बैंक खाता हो, सबके चेहरे पर मुस्कान हो और कोई अभाव की जिंदगी न जिए। इसी लक्ष्य को पूरा करने के लिए राज्य सरकार काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की सात फ्लैगशिप योजनाओं को 6512 गांवों में 15 अगस्त तक शत-प्रतिशत लागू करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला व प्रखंड समन्वयकों की इसमें बड़ी भूमिका है। जनभागीदारी और जनसाझेदारी से कोई भी बड़े से बड़े काम का समाधान संभव है। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर जनता और शासन के बीच की कड़ी है। सभी ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अपने अपने प्रखंड को आगे ले जाने के लिए लगन से काम करें। ब्लॉक कोर्डिनेटर अपने अपने क्षेत्र में पंचायत सचिवालय के लोगों के साथ बैठक कर प्रधानमंत्री जन-धन खाता खोलने, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना का लाभ सभी लोगों तक पहुंचाने का काम करें। इसके एवज में पंचायत सचिवालय को प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।

इसी प्रकार आदिवासी विकास समिति और ग्राम विकास समितियों का गठन किया जा रहा है। अब तक 84 प्रतिशत कमेटियों का गठन किया जा चुका है। इनके भी बैंक खाते खुलवाने में मदद करें। जून तक ये सारे काम पूरे कर लें। दास ने कहा कि आज हम डिजिटल इंडिया के युग में जी रहे हैं। गरीब के लिए सरकार की हर योजना को हम 100 प्रतिशत डीबीटी करने जा रहे हैं, ताकि लोगों को उनका हक सीधा उनके खाते में मिल सके। हमें हर कीमत पर बिचैलिया और भ्रष्टाचार मुक्त भारत और झारखण्ड बनाना है। झारखण्ड के सात लाख कंस्ट्रक्शन कर्मचारियों में से पांच लाख का ही बीमा है। उन्होंने श्रम अधिकारियों को निर्देश दिया कि एक महीने के भीतर बचे हुए दो लाख मजदूरों का बीमा करवाएं। इसके प्रीमियम का भुगतान कंस्ट्रशन बोर्ड में जमा राशि से किया जाये।

दिसंबर 2018 तक राज्य की 34 लाख गरीब बहनों को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन और हर घर में बिजली कनेक्शन देना है। डिस्ट्रिक व ब्लॉक कोऑर्डिनेटर इस पर नजर रखें। विभाग द्वारा सूची उपलब्ध करायी जायेगी, जिसकी फिल्ड वेरिफिकेशन कर विभाग को सूचित करें। ब्लॉक कोऑर्डिनेटर का काम यह सुनिश्चित करना है कि गरीब की योजना गरीब तक पहुंचे। आपको सभी योजनाओं की निगरानी करनी है। इसी प्रकार ओडीएफ, बच्चों व गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण, एलइडी बल्ब का वितरण आदि योजनाओं पर भी नगर रखें।

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