मनी लॉन्ड्रिंग केस में मीसा और उनके पति को राहत

मुश्किलों के दौर से गुजर रहे लालू परिवार के लिए थोड़ी राहत मिली है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में मीसा भारती और उनके पति को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने 2 लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दे दी है। हालांकि 8 हजार करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में इन दोनों को पटियाला हाउस की स्पेशल सीबीआई कोर्ट द्वारा दी गई जमानत का ईडी ने विरोध किया है। ईडी ने कहा कि इस मामले में जमानत देने पर केस की जांच प्रभावित हो सकती है, लेकिन कोर्ट ने कहा कि इस मामले से जुड़े जब सभी आरोपियों को जमानत दी जा सकती है, तो फिर इन दोनों आरोपियों को क्यों नहीं दी जा सकती।

पटियाला हाउस कोर्ट ने बाकी और आरोपियों को मिली जमानत को ही आधार बनाते हुए मीसा और उनके पति शैलेश को 2 लाख के मुचलके पर जमानत दे दी है। इसके अलावा कोर्ट ने उन्हें निर्देश दिया है कि वह विदेश जाने से पहले कोर्ट को सूचित करेंगे और इसकी इजाजत लेंगे।बता दें कि इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग केस में लालू यादव की बेटी मीसा भारती की सोमवार को पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी हुई। इस मामले में मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को समन किया गया था।

गौरतलब है कि पटियाला हाउस कोर्ट ने आठ हजार करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राजद प्रमुख लालू यादव की बेटी मीसा भारती और उनके पति शैलेश कुमार को बतौर आरोपी समन जारी कर 5 मार्च को पेश होने का निर्देश दिया था। ईडी ने मीसा और उनके पति शैलेश कुमार के खिलाफ पिछले साल 23 दिसंबर को पूरक आरोप पत्र दाखिल किया था। पटियाला हाउस अदालत के विशेष न्यायाधीश एनके मल्होत्रा ने ईडी की चार्जशीट पर संज्ञान लेने के बाद मीसा भारती, उनके पति शैलेश कुमार और उनकी कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स को समन जारी किया था।

ईडी ने आठ हजार करोड़ के मनी लांड्रिंग मामले में मीसा भारती और उनके पति का दिल्ली के बिजवासन स्थित फार्म हाउस अस्थायी तौर पर जब्त कर लिया था। इसे मीसा की कंपनी मिशेल पैकर्स एंड प्रिंटर्स के नाम पर 1.2 करोड़ रुपये में लिया गया था। यह कीमत बाजार भाव से बेहद कम थी। इस मामले में एजेंसी ने सुरेंद्र और वीरेंद्र जैन नाम के व्यवसायी भाइयों को गिरफ्तार किया था। उन पर शेल कंपनियां बनाकर हजारों करोड़ रुपये की मनी लांड्रिंग करने का आरोप है।

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