चल रही है जांच, निलंबित हो सकते हैं राजकुमार यादव

यूपीए खेमे की एकजुटता के कारण कांग्रेस प्रत्याशी धीरज साहू तो जीत गए हैं। लेकिन उनकी इस जीत के बाद भी झारखंड की राजनीति में घमासान जारी है। राज्यसभा चुनाव में हुए क्रॉस वोटिंग के विवाद सियासी दलों का अभी भी पीछा कर रहे हैं। जिस प्रकार चुनाव में झाविमो विधायक प्रकाश राम ने क्रॉस वोटिंग की उससे यूपीए दलों को तो झटका लगा ही इसके साथ ही झाविमो प्रमुख बाबूलाल मरांडी के नेतृत्व पर भी सवाल खड़े कर दिए, हालांकि उन्होंने प्रकाश राम को तत्काल पार्टी से निलंबित कर दिया। उधर, माले विधायक राजकुमार यादव का वोट भी तकनीकी कारणों से रद्द हो गया था। मामले को तुल पकड़ता देख भाकपा माले ने विधायक राजकुमार यादव को पार्टी के तमाम पदों से फिलहाल निलंबित कर दिया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो इसके जांच का जिम्मा सेंट्रल टीम करेगी। कहा जा रहा है कि पार्टी की जांच होने तक विधायक किसी भी प्रकार से अपने प्रभाव का इस्तेमाल नहीं कर सकें इसके लिए सभी पदों से स्वतः मुक्त हो जाते हैं।

बता दें कि राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी धीरज साहू के पक्ष में वोट देने को राजी हुए थे लेकिन चुनाव के दौरान उन्होंने एक वोट धीरज साहू को दिया लेकिन इसके साथ ही नोटा में भी वोट कर दिया जिसके कारण उनका वोट अवैध करार कर दिया गया। इसके बाद यूपीए प्रत्याशी धीरज साहू तो किसी प्रकार तो चुनाव जीत गए लेकिन राजकुमार यादव के फैसले पर कई तरह के सवाल खड़े किए जाने लगे। यूपीए के कई नेताओं ने उनपर आरोप लगाया कि जानबूझकर उन्होंने अपने वोट को बर्बाद किया। इन आरोपों से घिरी पार्टी ने आखिरकार विधायक के खिलाफ जांच करने की कवायद शुरू कर दी।

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