आंख मारना राहुल की पुरानी आदत !

मोदी सरकार के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जिस प्रकार राहुल गांधी ने भाषण दिया, उसने बहुत हद तक एनडीए सरकार को असहज कर दिया। राहुल गांधी के अक्रामक भाषण की चर्चा हर जगह होने लगी। अपने भाषण में कांग्रेस अध्यक्ष ने जहां मोदी सरकार की नाकामियां गिनाईं, वहीं बीजेपी की तरफ से होने वाले व्यक्तिगत हमलों का भी बखूबी जवाब दिया।
उन्होंने सत्ता पक्ष को उन्हीं के अंदाज में घेरने की कोशिश की। यहां तक कि हिंदू होने का मतलब समझाने के लिए उन्होंने पीएम मोदी के पास जाकर उन्हें गले तक लगा लिया। लेकिन इसके बाद वो अपनी सीट पर आकर बैठे और अपने किसी सहयोगी सांसद की तरफ देखकर आंख मारी तो वो तस्वीर राहुल के पूरे भाषण पर जैसे पानी फेर गई। जिसके बाद उनके इस अंदाज पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं।
बीजेपी नेता राहुल गांधी को इस अंदाज को लेकर उन्हें घेर रहे हैं। वहीं लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने भी इस रवैये को गलत ठहराया है।
इन सब के बीच जानकारों की मानें तो उनका ये अंदाज युवाओं को भले ही पसंद आ जाए पर सियासत में जिस गंभीरता को अपनाया जाता है वहां राहुल के इस रवैये को अपरिपक्वता की तरह देखा जाएगा।
बहरहाल, ये भी कहा जा रहा है कि राहुल गांधी ने ये कोई जानबूझकर नहीं किया है बल्कि ऐसा वो करते आए हैं।
16 मई 2014 को चुनाव नतीजों की घोषणा के बाद तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और तत्कालीन कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने मीडिया को संबोधित करते हुए अपनी हार स्वीकार की और नई सरकार को बधाई दी।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबसे पहले राहुल गांधी ने अपना बयान दिया। उनके बाद सोनिया गांधी ने अपनी बात रखी और राहुल गांधी उनकी बाईं तरफ खड़े हो गए। इस दौरान जब सोनिया गांधी अपना वक्तव्य दे रही थीं, तो इसी बीच राहुल गांधी सामने खड़े मीडियाकर्मियों की तरफ देखकर आंख मारने लगे। ये ठीक वैसी ही तस्वीर थी, जैसी 20 जुलाई को संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान देखने को मिली है।

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