राफेल डील पर झूठ बोल रहे राहुल गांधीः अरुण जेटली

राफेल डील को लेकर पूरे देश में सियासत गरमाई हुई है, कांग्रेस ने इसको लेकर पूरे देश में जनता को डील में हेराफेरी किए जाने की बात बताने के लिए अपने नेताओं को प्रेस कान्फेंस करने को कहा है। इन सब के बीच कांग्रेस के आरोपों पर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने आंकड़े गिनाते हुए पलटवार किया है। उन्होंने राहुल गांधी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया है। जेटली ने कहा कि कांग्रेस ने कीमतों को लेकर जो आरोप लगाए हैं, वे तथ्यात्मक रूप से पूरी तरह गलत हैं। 2007 के राफेल ऑफर को लेकल राहुल गांधी खुद अपनी अलग-अलग स्पीच में 7 तरह के दाम बता चुके हैं।

जेटली ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी जिस तरह की बात कर रहे हैं, वह प्राइमरी स्कूल के स्तर की डिबेट है। जेटली ने कहा कि 2007 के मुकाबले 2015 में हुई राफेल डील रेट्स के मुकाबले कहीं बेहतर है।

जेटली ने कहा कि राहुल कह रहे हैं कि हम 500 से कुछ ज्यादा दे रहे थे और आप 1600 रुपये से कुछ अधिक दे रहे हैं। इस तरह के तर्कों से पता चलता है कि उनकी समझ कितनी कम है। जेटली ने कहा कि मेरी खुद राहुल से ही सवाल है कि उन्होंने इस डील को करने में अनिश्चितकाल तक की देरी क्यों की। आखिर यूपीए ने इस डील को कोल्ड स्टोरेज में क्यों डाला? उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता एके एंटनी राफेल डील पर जवाब दें। आखिर क्यों यूपीए सरकार ने दस सालों तक इस डील को लटकाकर रखा।

जेटली ने राहुल गांधी के डील पर अलग-अलग बयानों को लेकर कहा कि जयपुर में उन्होंने 520 करोड़ और 540 करोड़ रुपये की फिगर एक ही स्पीच में बताई। यही नहीं हैदराबाद में उन्होंने 526 करोड़ रुपये कीमत बता दी। जेटली ने राहुल पर अटैक करते हुए कहा कि इस तरह अलग-अलग आंकड़े बताने से ही उनके बयानों की सच्चाई पता चलती है। जेटली ने कहा कि सच का सिर्फ एक वर्जन होता है, जबकि गलत के कई वर्जन होते हैं।

जेटली ने कहा कि 2007 से बेहतर शर्त पर राफेल पर समझौता किया गया। राफेल पर राहुल गांधी की समझ कम है। लोडेड एयरक्राफ्ट का सिंपल एयरक्राफ्ट से तुलना नहीं की जा सकती है। सच्चाई पीड़ित बन गई है। राफेल डील के लिए 2015-16 तक करीब 14 महीने तक प्राइस निगोसिएशन कमिटी और कॉन्ट्रैक्ट कमिटी की कंपनी से मीटिंग हुई। जेटली ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने देश की सुरक्षा से समझौता किया। कांग्रेस खुद बोफोर्स घोटाले में घिरी।

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