देश में पीएम मोदी का विकल्प हैं राहुल गांधीः Congress

मिशन 2019 को लेकर तैयारियां तो पहले ही शुरू हो चुकी हैं अब विपक्ष की ओर से पीएम पद का चेहरा कौन होगा इसकी कवायद भी शुरू हो चुकी है। इसी बाबत सभी विपक्षी दल जहां अपने-अपने तरीके से आंकलन में जुटे हैं। तो वहीं कांग्रेस ने ये साफ कर दिया है कि राहुल गांधी ही देश में एक ऐसे कैंडिडेट हैं जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर दे सकते हैं। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि देश में मोदी का विकल्प राहुल गांधी हैं और देश की जनता राहुल को पीएम देखना चाहती है।

सुरजेवाला के इस ऐलान को जहां सहयोगियों में एनसीपी का समर्थन मिला है। वहीं दूसरी विपक्षी दलों में अलग-अलग राय है। सपा राहुल के बजाय अखिलेश यादव को मोदी का विकल्प बता रही है। आरजेडी कांग्रेस के फैसले से पूरी तरह सहमत नहीं है, लेकिन मोदी के मुकाबले राहुल की राजनीति के साथ खड़े होने की बात कह रही है।

एनसीपी के वरिष्ठ नेता तारिक अनवर ने कहा कि बेशक मौजूदा समय में राहुल गांधी ही मोदी का विकल्प हैं। कांग्रेस की राय से मैं पूरी तरह सहमत हूं। गुजरात विधानसभा चुनाव और राजस्थान के उपचुनाव के नतीजों से साफ हो गया है कि राहुल गांधी में नेतृत्व करने की क्षमता है। जिस तरह से राहुल गांधी ने अपनी राजनीति से बीजेपी को मात देनी शुरू की है। उससे साफ है कि 2019 का चुनाव विपक्ष की तरफ से मोदी के मुकाबले राहुल गांधी ही विकल्प होंगे।

जबकि समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि ये जनता तय करेगी कि मोदी का विकल्प कौन है? कांग्रेस पार्टी के नेता अपने नेता की बात कर रहे हैं। ये उनकी राय होगी। जबकि सपा मानती है कि गांव और गरीब की बात करने वाले अखिलेश यादव बड़ा विकल्प हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय राजनीति में अखिलेश यादव ने विकास का वैकल्पिक मॉडल दिया है। इतना ही नहीं अखिलेश ओबीसी और किसान परिवार से निकले हैं उनके दर्द को समझते हैं। ऐसे में मोदी के सामने सबसे बेहतर विकल्प अखिलेश होंगे।

आरजेडी प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि कांग्रेस के साथ हमारी सकारात्मक सोच है, लेकिन लोकतंत्र में सामूहिक फैसला होना चाहिए। 2019 के लिए राहुल के नाम को आगे बढ़ाती है तो विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में मोदी की तुलना में राहुल की राजनीति भारत की आत्मा के ज्यादा करीब है। मोदी जहां विध्वंस की राजनीति करते हैं तो राहुल सर्वसमाज को लेकर चलने वाली राजनीति करते हैं।

ध्यान रहे कि 2014 के लोकसभा चुनाव में से एक साल पहले ही बीजेपी ने 2013 में नरेंद्र मोदी को पीएम के चेहरे के तौर पर पेश किया था। इसके बाद नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एनडीए के साथ कई सहयोगी दल साथ आए थे। इनमें राम विलास पासवान की लोजपा, उपेंद्र कुशवाहा की रालोसपा और अनुप्रिया पटेल की अपना दल सहित कई सहयोगी दल जुड़े थे। इसके अलावा कई नेताओं ने कांग्रेस सहित कई पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामा था। कांग्रेस उसी तर्ज पर अब राहुल के नाम को आगे बढ़ाने में जुटी है।

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