इंदिरा की तेवर में उतरे राहुल गांधी

काफी लंबे समय से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं की मांग थी कांग्रेस अध्यक्ष से उनकी सीधी बात नहीं हो पाती जिसके कारण उनके सवाल सही फोरम तक नहीं पहुंच पाते हैं। देश के कोने-कोने से आए पार्टी के कई कद्दावर नेताओं की भी ये शिकायत रहती थी कि वे आलाकमान से मिल ही नहीं पाते तो अपनी बात बताएं तो किसे। कांग्रेस की कमान संभालते ही राहुल गांधी ने सबसे पहले इसी मामले को सुलझाने का प्रयास किया और कोशिश की कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद स्थापित हो। वहीं दूसरी ओर पार्टी अपने घटते जनाधार को लेकर भी चिंतित है। इसलिए विधानसभा और लोकसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी कार्यकर्ताओं में नई जान फूंकने के लिए अपनी दादी और पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी का फॉर्मूला अपनाया है।

कांग्रेस प्रमुख बुधवार सुबह तकरीबन 9:15 बजे दिल्ली के 24 अकबर रोड स्थित पार्टी मुख्यालय पहुंच गए थे। यहां उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की। इनमें दिल्ली, राजस्थान और कर्नाटक से आए कार्यकर्ता भी शामिल थे। बता दें कि कर्नाटक में हाल में ही विधानसभा चुनाव होना है, जबकि राजस्थान में साल के अंत में चुनाव प्रस्तावित है। विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल ने पार्टी प्रमुख से मिलने के लिए पूर्व में ही समय ले लिया था। मालूम हो कि कांग्रेस अध्यक्ष का पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए आसानी से उपलब्ध होने की बात लंबे समय से बहस का मुद्दा रहा है। इसके अभाव में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और आम कार्यकर्ताओं के बीच दूरी होने की बात भी समय-समय पर उठती रही है। पार्टी की कमान संभालने के बाद राहुल गांधी ने इसे दूर करने की दिशा में कदम उठाया है, ताकि पार्टी प्रमुख और कार्यकर्ता के बीच की दूरी को पाटा जा सके।

कांग्रेस मुख्यालय में पार्टी प्रमुख का कार्यालय वर्षों से बंद ही रहता था। पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा कभी-कभार महत्वपूर्ण बैठक करने के मौके पर ही इसे खोला जाता था। खासकर कांग्रेस कार्यसमिति या फिर पार्टी के स्थापना दिवस पर इसे खोला जाता था। राहुल के फैसले के बाद इसे नए सिरे से तैयार किया गया, ताकि वहां नियमित तौर पर बैठक हो सके। कांग्रेस कार्यकर्ता पार्टी प्रमुख से मुलाकात न हो पाने की अक्सर शिकायत करते रहते हैं। अब पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए वह सुबह 11 बजे तक मुख्यालय में मौजूद रहेंगे। सोनिया गांधी ने कभी भी इस तरह की बैठक नहीं ली थी।

पार्टी के वरिष्ठों की मानें तो राहुल गांधी ने बुधवार से साप्ताहिक बैठकों में हिस्सा लेने की शुरुआत की है। इससे पहले उनकी दादी पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए जनता दरबार लगाया करती थीं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने बताया कि योजना के मुताबिक राहुल कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए हर सप्ताह एक घंटे का वक्त निकाला करेंगे। इसका आयोजन पार्टी के 24 अकबर रोड मुख्यालय पर ही किया जाएगा। इसका उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना है।

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