राहुल के हस्तक्षेप से इंटक में राजेंद्र, ददई का हुआ मिलन

मिशन 2019 को देखते हुए कांग्रेस ने अपने संगठन को दुरुस्त करने की कवायद तेज कर दी है। कोशिश की जा रही है कि हर हाल में पार्टी में आपसी गुटबाजी और खींचतान को कम किया जाए जिससे आने वाले लोकसभा चुनाव में इसका असर न हो। इसी कवायद को आगे बढ़ाते हुए पार्टी ने अपने मजदूर संगठन को एक करने की कोशिश की है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के हस्तक्षेप के बाद राजेन्द्र सिंह और ददई दुबे के बीच आखिरकार 11 साल से चली आ रही लंबी लड़ाई समाप्त हो गई है और अब दोनों नेताओं ने एक साथ एक मंच पर आकर इंटक और पार्टी को मजबूत बनाने की बात कही है।
कहा जा रहा है कि पिछले एक दशक से ज्यादा से इंटक दो गुटों में बंटा हुआ था जिसका खामियाजा पार्टी को भुगतना पड़ा। पार्टी का ये मजदूर संगठन कमजोर हुआ और इसका लाभ अन्य संगठनों को मिला। बताया जाता है कि इंटक दो गुटों में बंटी थी एक गुट का नेतृत्व राजेन्द्र सिंह और दूसरे का ददई दुबे करते आ रहे थे। इसके कारण संगठन को नुकसान हुआ और पहली बार इंटक जेबीसीसीआइ की बैठक से बाहर रहा।
इन सब सियासी बातों को समझते हुए कांग्रेस अलाकमान ने दोनों नेताओं को आपसी विवाद सुलझाकर एक होने को कहा जिससे पार्टी और संगठन दोनों मजबूत हो सकें।
बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं ने कहा है कि देश हित और कांग्रेस हित में यह निर्णय लिया गया है इससे मजदूरों की लड़ाई बेहतर तरीके से लड़ी जाएगी और आने वाले दिनों में इंटक का जमीनी पकड़ भी मजबूत होगा।

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