लालू-नीतीश में किसने किसका हाथ पकड़ा था?

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोक संवाद कार्यक्रम के बाद बिना नाम लिए लालू प्रसाद पर हमला किया। नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने उनका हाथ नहीं पकड़ा था। वही मेरा हाथ पकड़े थे। लेकिन वह हाथ ज्यादा छुड़ाने लगे तो हम क्या करते।

नीतीश कुमार ने शराबबंदी के मामले पर लालू प्रसाद को घेरे में लेते हुए कहा कि शराबबंदी के समर्थन में 21 जनवरी 2017 को बनी मानव श्रृंखला में गांधी मैदान में मेरे बगल में भी खड़े थे। पर बाद में क्या बोले लालू शराबबंदी पर। इसलिए उनकी बात पर क्या प्रतिक्रिया देना।

नीतीश कुमार ने कहा कि हमने ट्वीट कर लोगों को आइना दिखाया है। हमने अपने ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया था। हमने 8 ट्वीट लिखे थे लेकिन पांच को सार्वजनिक किया। लेकिन हमने कभी भी भाषा की मर्यादा नहीं तोड़ी।

तेजस्वी यादव
इस पर तेजस्वी यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि लोकसभा चुनाव का परिणाम आने और उसमें 132 से 135 विधानसभा सीटों पर करारी हार मिलने के बाद शाम को ही नीतीश कुमार उनके पिता लालू प्रसाद से मिले थे। इसके बाद तो सभी जानते हैं कि राजद की अधिक सीटें आने के बाद भी लालू प्रसाद की वजह से नीतीश कुमार सीएम बने थे। दरअसल हमने उनका नहीं, बल्कि उन्होंने हमारा हाथ पकड़ा था।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि 4 साल में राज्य में चार सरकारी बनी और विकास ठप रहा। मुख्यमंत्री इसके लिए कभी भाजपा, कभी जीतन राम मांझी, तो कभी हमें जिम्मेदार ठहराते रहे। महागठबंधन छोड़ने के लिए उन्होंने हमारे परिवार को केस मुकदमे में फंसाने का बहाना बनाया और आगे जो घटनाएं हुई उससे साफ हो गया कि यह सब पूर्व नियोजित था। कई घटनाएं इतनी कम समय में हुई कि नीतीश कुमार कितनी भी सफाई दें, जनता विश्वास नहीं करेगी।

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